-
दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ी मंदी की ओर बढ़ती वैश्विक अर्थव्यवस्था, करोड़ों लोग फंस सकतें हैं ग़रीबी के दलदल में!
Jun १०, २०२० ०६:३७विश्व बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक़ इस साल वैश्विक अर्थव्यवस्था में 5.2 प्रतिशत की गिरावट आएगी, साथ ही विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में 2.5 प्रतिशत की गिरावट की आशंका है, जो क़रीब छह दशकों में पहली गिरावट होगी। भारतीय अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष में 3.2 प्रतिशत की कमी देखी जाएगी।
-
ट्रम्प के हिस्से में शोर शराबा फ़सल काट रहे हैं चीनी राष्ट्रपति, कैसे डालर का पत्ता साफ़ कर रही है चीनी करेंसी? कोरोना की परीक्षा में सबसे बड़ी विजेता कैसे बनीं मर्केल?
May २४, २०२० ०९:१२अमरीका के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन दिनों कोरोना वायरस की महामारी और अमरीकी अर्थ व्यवस्था पर उसके विनाशकारी प्रभाव की नहीं हैं बल्कि इससे भी बड़ी चुनौती और इससे ज़्यादा भयानक वायरस अमरीका के सामने है और उसका नाम है चीन।
-
कोरोना की मार, अंतर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के 3.2 प्रतिशत तक सिकुड़ने का ख़तरा
May १५, २०२० ००:३४संयुक्त राष्ट्र संघ ने कहा है कि कोरोना वायरस के कारण अंतर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के 3.2 प्रतिशत तक सिकुड़ने की आशंका है जो 1930 की अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक मंदी के बाद अंतर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को पहुंचने वाला सबसे बड़ा नुक़सान होगा।
-
वीडियो रिपोर्टः इटली में कोरोना वायरस का असर हुआ कम तो एक नई मूसीबत ने लिया जन्म
May १३, २०२० १६:२१आने वाले महिनों, यहां तक की शायद आने वाले सप्ताह में भी हम अशांति और गंभीर संकट से रूबरू होंगे। इस संकट के हल के लिए तुरंत राजनीतिक और समाजिक स्तर पर समाज के ज़रूरतमंदों की समस्याओं का समाधान किया जाना ज़रूरी है, विशेषकर समाज के उस वर्ग का जिन्होंने सबसे अधिक नुक़सान उठाया है। इटली में भी कोरोना वायरस से प्रभावित देशों की तरह लोग बहुत ही कठिनाई भरा जीवन गुज़ार रहे हैं।
-
वीडियो रिपोर्टः ऐसी कौन सी चीज़ है जो सऊदी अरब को ले-डूबी? क्या यमन की क्रांति परिषद के प्रमुख की बातों को आले सऊद शासन गंभीरता से लेगा?
May ११, २०२० १६:१६यमन की क्रांति परिषद के प्रमुख मोहम्मद अली अल-हौसी ने कहा है कि आर्थिक संकट से जूझ रहे सऊदी अरब ने जिस तरह कठोर आर्थिक फ़ैसले लिए हैं उससे यह बात साबित होती है कि आले सऊद शासन को यमन पर हमला करने की कितनी भारी क़ीमत चुकानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि दुनिया की कोई भी सरकार या देश जो युद्ध प्रेमी होगा और अपनी आक्रमकता को समाप्त नहीं करेगा उसकी हालत भी इसी तरह होगी।
-
सऊदी अरब ने बुनियादी वस्तुओं पर बढ़ाया तीन गुना टेक्स
May ११, २०२० १२:०७अपनी अर्थव्यवस्था को हुई क्षति से निबटने के लिए सऊदी अरब ने बुनियादी वस्तुओं पर 15 प्रतिशत टेक्स बढ़ा दिया है।
-
इतनी तेज़ी से क्यों गिर रही है तुर्क लीरे की क़ीमत? क्या तुर्की को आर्थिक संकट में ढकेल देगी लीबिया और सीरिया में अर्दोग़ान की दख़लअंदाज़ी?
May ०९, २०२० ०३:३८तुर्की कोरोना वायरस का मुक़ाबला करने में दूसरे बहुत से देशों से कहीं अधिक सफल रहा है लेकिन इस महामारी के तुर्की की अर्थ व्यवस्था पर विनाशकारी प्रभाव बहु साफ़ नज़र आने लगे हैं। तुर्की का लीरा गुरुवार को डालर के मुक़ाबले में काफ़ी नीचे गिर गया।
-
भविष्य के हालात का पहले से अंदाज़ा कैसे लगा लेते हैं आयतुल्लाह ख़ामेनई? सुप्रीम लीडर के वह फ़ैसले जो उनकी दूरदर्शिता के सुबूत हैं!
Apr २०, २०२० १४:४३ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने 1990 के दशक में यह विचार पेश किया कि देश की अर्थ व्यवस्था को तेल पर निर्भरता की स्थिति से बाहर निकाला जाना चाहिए।
-
क्या भारत के अच्छे दिनों के बजाए बुरे दिन आने वाले हैं? विश्व बैंक का दावा, 40 साल में सबसे बुरा दौर देख सकती है भारतीय अर्थव्यवस्था!
Apr १२, २०२० १६:१२वर्ष 2014 की बात है भारत में आम चुनाव होने वाले थे, सभी पार्टियां चुनाव के मैदान में अपनी पूरी ताक़त झोंके हुए थीं, लेकिन इन सबके बीच एक आवाज़ जो सबसे ज़्यादा आ रही थी “वह थी अच्छे दिन आने वाले हैं।” इस नारे का जादू ऐसा चला कि सातवां वर्ष जारी है और इस नारे को देना वाला व्यक्ति दिल्ली के सिंहासन पर बैठा हुआ है। भारत की जनता आज भी उस नारे को व्यवहारिक होते देखने की चाहत लिए बैठी हुई है।
-
कोरोना की तबाही पर अमरीकी सेनेटर ने बयान किया अपना आभासः हम गिर रहे हैं, हम डूब रहें हैं और किसी को इस गहरे गढ़े की तह नहीं दिखाई दे रही है,
Apr १२, २०२० १३:१९अमरीकी अख़बार न्यूयार्क टाइम्ज़ ने अपने संपादकीय में लिखा है कि हालिया कुछ हफ़्तों के भीतर अमरीकी अर्थ व्यवस्था को जो नुक़सान पहुंचा है वह बेहद विनाशकारी है।