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ईरानी कलाकार का कारनामा, रेत के ज़र्रों से पेश किया सफ़रे इश्क़ का मंज़र+ वीडियो
Sep २६, २०२१ १५:५९ईरान की एक प्रसिद्ध और होनहार सैंड आर्टिस्ट फ़ातेमा एबादी की एक शानदार और अद्भुत सैंड ऑर्ट, जिसमें उन्होंने रेत के ज़र्रों से इमाम हुसैन (अ) के चेहल्लुम के मौक़े पर होने वाले मिलयन मार्च का ख़ूबसूरत दृश्य पेश किया है।
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यूरोपीय देश फ़िनलैंड में भी सजी सबीले हुसैनी, इमाम हुसैन का संदेश पहुंचाने का बेहतरीन तरीक़ा+ वीडियो
Sep २६, २०२१ १५:१२पैग़म्बरे इस्लाम (स) के सबसे प्रिय नाती हज़रत इमाम हुसैन (अ) का चेहल्लुम आ गया है। इराक़ सहित पूरी दुनिया में हर ओर कर्बला वालों का शोक मनाया जा रहा है।
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वीडियो रिपोर्टः सफ़रे इश्क़ जारी, भारी संख्या में सुन्नी मुसलमानों की उपस्थिति, सुरक्षा ऐसी कि ज़ायरों के पैरों में कांटे भी न चुभने पाएं
Sep २४, २०२१ १३:३४पवित्र नगर कर्बला आजकल पैग़म्बरे इस्लाम के परिजनों के चाहने वालों का केंद्र बना हुआ है जहां सभी धर्मों के लोग एकत्रित हैं। सुन्नी मुसलमानों के धर्मगुरू कि जिन्हें इमाम हुसैन, से ख़ास श्रद्धा है, वह भी नजफ़ और कर्बला में इमाम हुसैन (अ) के ज़ायरों से मुलाक़ात कर रहे हैं, साथ ही उन्होंने इमाम हुसैन के श्रद्धालुओं की सेवा कर रहे इराक़ी कुर्दिस्तान के सुन्नी मुसलमानों से भी मुलाक़ात की, इन कुर्दिस्तानी मुसलमानों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं, कुर्द मुसलमान इमाम हुसैन ...
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दुनिया का सबसे बड़ा आंदोलन, 1400 साल बाद भी आशूरा मज़लूमों की उम्मीद तो ज़ालिमों के लिए डरावना सपना बना हुआ है, ईरान, इराक़ समेत कई देशों में 10 मोहर्रम आज
Aug १९, २०२१ ०४:२७ईरान व इराक़ समेत बहुत से देशों में गुरुवार को बड़ी श्रद्धा के साथ पैग़म्बरे इस्लाम (स) के नाती हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके वफ़ादार साथियों की शहादत का दिन मनाया जा रहा है। इसी दिन को आशूरा का दिन कहा जाता है।
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वीडियो रिपोर्टः न्यूयॉर्क के दिल में लहराया परचमे हुसैन, क्या आप जानते हैं अमेरिका में कितने लाख शिया मुसलमान हैं?
Aug १६, २०२१ १४:३५मोहर्रम के पहले रविवार को न्यूयॉर्क के दिल में एक दो घंटे के लिए इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के परचम को उठाने की अनुमित मिली, एक अज़ादार का कहना है कि ईश्वर हम चाहते हैं हमे हुसैनी मौत दे, एक अन्य अज़ादार का कहना है कि यहां परदेस में इमाम हुसैन का ग़म मना रहे हैं। एक अन्य का कहना है कि यह मौक़ा मिला इसपर ईश्वर का शुक्रिया अदा करते हैं,एक और अज़ादार का कहना है कि केवल इमाम हुसैन की मोहब्बत में आए हैं। एक बच्चे का कहना है कि हम इमाम हुसैन से बहुत प्रेम करते हैं।जूलूस में शामिल अज़ादार का कहना है कि ...
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वीडियो रिपोर्टः आशूरा के महान आंदोलन को लेकर शिया और सुन्नी धर्मगुरुओं का महा सम्मेलन, आज के दौर में हुसैनी प्रतिरोध हमे क्या सीख देता है?
Aug ११, २०२१ १५:१०बैरूत में लेबनान और फ़िलिस्तान के 150 शिया और सुन्नी धर्मगुरुओं की बैठक हुई जिसमें आशूराए हुसैनी को जीवित रखने और उससे प्राप्त होने वाली शिक्षाओं को लेकर मंथन हुआ ... सुन्नी धर्मगुरु का कहना है कि आशूरा केवल मुसलमानों एक वर्ग से संबंधित नहीं है बल्कि शिया और सुन्नी दोनों उसकी महान शिक्षाओं विशेषकर आज के दौर में उससे लाभ उठाएं ... एक शिया धर्मगुरू का कहना है कि हम मुस्लिम धर्मगुरुओं के सम्मेलन में इस बात पर बल देते हैं कि आशूरा के आंदोलन के उद्देश्यों जीवित रखना है। प्रतिरोध और अवैध ...
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अमेरिका ने इमाम हुसैन (अ) के रौज़े की साइट को किया बंद, आज के यज़ीद की हुसैनियत के पैग़ाम को रोकने की नाकाम कोशिश
Jun २३, २०२१ ०७:५०यज़ीद केवल 1400 वर्ष पहले नहीं था बल्कि उसका वजूद किसी न किसी रूप में हर दौर में मिल जाएगा। आज के दौर के सबसे बड़ी यज़ीद और शैतान अमेरिका ने इमाम हुसैन (अ) के रौज़ की साइट को बंद कर दिया है, ताकि हुसैनियत के पैग़ाम को फैलने से रोका जा सके।
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वीडियो रिपोर्टः दुनिया में सबसे ज़्यादा भूक और प्यास को बर्दाश्त करने वाले के दर पर इफ़्तार, अंतिम दिनों में कर्बला से आई ऐसी तस्वीरें कि आंखे हो जाएंगी नम
May १०, २०२१ १३:४१अभी तीन घंटे इफ़्तार के बाक़ी हैं, अभी जला देने वाला सूरज निकला हुआ है, लेकिन रोज़ेदार पहले ही आ जाते हैं ताकि बैनुल हरामैन में कम से कम एक छोटे से दस्तरख़ान की जहग उन्हें मिल जाए। इराक़ी परिवार जैसे-जैसे इफ़्तार का वक़्त नज़ीदक आता है वैसे-वैसे वह बैनुल हरामैन पहुंचने लगते हैं ताकि रोज़ा खोलने की वास्तविक मिठास को इस पवित्र स्थल पर और ज़्यादा महसूस कर सकें। इमाम हुसैन और हज़रत अब्बास की कृपा से इराक़ के ज़्यादातर लोग हर वर्ष इन दिनों बैनुल हरामैन आकर इफ़्तार करते हैं, क्योंकि यह इफ़्तार ...
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वीडियो रिपोर्टः अपने शहीद बाप की फोटो देख बड़ा होता बच्चा, हम शहादत प्रेमी हैं हम इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के चाहने वाले हैं
Dec २७, २०२० १६:०७शहीद शहरोज़ मुज़फ्फरी निया वर्षों तक विभिन्न मोर्चों पर जनरल शहीद कासिम सुलैमानी के साथ थे। वह तकरीबन 10 वर्षों तक जनरल कासिम सुलैमानी के साथ थे। सीरिया में होने वाली लड़ाई में उनके साथ थे। जब वह सीरिया से वापस आते थे तो सब बताते थे कि लोग बहुत खुश होते हैं। वह जनरल सुलैमानी के साथ रहने को बहुत पसंद करते थे कभी कभी सुबह की अज़ान होने से एक घंटे पहले ही वह ...
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हज़रत अब्बास की तरफ़ से आपके लिए एक सरप्राइज़ है!
Sep २३, २०२० १४:३८आजकल कोरोना वायरस की महामारी का दौर है और पवित्र स्थलों की ज़ियारत का सिलसिला भी कभी रुकता है और कभी दोबारा शुरू हो जाता है।