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इमाम ख़ुमैनी के विचार | स्वतंत्रता, विदेशियों की आज्ञा का उल्लंघन करना है
Sep ०३, २०२५ १२:१३पार्स टुडे – इस्लामी गणराज्य ईरान के महान संस्थापक स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी (रह) स्वतंत्रता को इस अर्थ में मानते थे कि दूसरों पर निर्भर न रहना, विदेशियों की आज्ञा का उल्लंघन करना, उनके हस्तक्षेप और प्रभाव को नकारना है तथा अपने भाग्य और निर्णयों को अपने हाथ में लेना है।
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इमाम ख़ुमैनी (रह.) के विचार: इस्लामी देशों के एकजुट होने से मुसलमानों को ऐसी ताक़त मिलेगी जिससे कोई भी उनका मुक़ाबला नहीं कर सकता
Aug २९, २०२५ ११:३६पार्स टुडे – ईरान में इस्लामी व्यवस्था के संस्थापक स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी (रह.) के राजनीतिक विचारों में एक प्रमुख धारणा वैश्विक इस्लामिक शासन की स्थापना थी, जिसे प्राप्त करने के लिए वह प्रयासरत थे।
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इमाम खुमैनी के 10 महत्वपूर्ण कथन: ईश्वर से संधि व वचनबद्धता, अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष और वंचितों की मुक्ति की आशा तक
Jun ०३, २०२५ १६:०९पार्स टुडे - ईरान की इस्लामी क्रांति के नेता इमाम खुमैनी (रह.) ने अपने ईश्वरीय आंदोलन के माध्यम से इस देश और पूरे इस्लामी जगत का भाग्य बदल दिया और ऐसी क्रांति की नींव रखी जो मानवता, स्वतंत्रता, न्याय और आत्मनिर्भरता की संदेशवाहक बनी।
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फ़िलिस्तीन और कर्बला में संबंध, स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी रह. की बेटी सम्मानित, एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की रिपोर्ट
Oct २१, २०२४ १३:१५पार्सटुडे- अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने वालों ने कहा है कि मुजाहिदों ने प्रतिरोध की संस्कृति को कर्बला से लिया है।
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राष्ट्रपति और ईरानी सरकार के प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी रह. की आकांक्षाओं के प्रति वचनबद्धता जताई
Aug २४, २०२४ १२:३३पार्सटुडे- राष्ट्रपति और ईरानी सरकार के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य तेहरान में इस्लामी व्यवस्था के संस्थापक स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी रह. के हरम में हाज़िर हुए और स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी रह. की आकांक्षाओं के प्रति वचनबद्धता जताई।
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स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी रह. व हुकूमत करने के तरीक़े में परिवर्तन/ पश्चिम के तरीक़े से नहीं
Jun ०३, २०२४ १६:२६पार्सटुडे- पश्चिम के प्राचीन फ़ल्सफ़ियों का मानना था" कि किसे हुकूमत करना चाहिये" यह महत्वपूर्ण है।
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हमारा ध्यान ग़रीबों व निर्धनों पर होना चाहिये/ स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी रह. और वंचितों की समस्या
Jun ०३, २०२४ ११:४६पार्सटुडे- स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी रह. के अनुसार ग़रीब और वंचित लोगों पर ध्यान देना महान ईश्वर के अधिकारों पर ध्यान देना है। स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी फ़रमाते हैं कि इस्लाम ने कहा है कि हमारा ध्यान ग़रीबों व निर्धनों पर होना चाहिये।
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रूसी की ईरान विशेषज्ञ: ईरान पूर्व और पश्चिम के लिए तरक़्की का एक मिसाली नूमना है
May ०४, २०२४ १५:५५पार्सटुडेः मिस लूडमिला अवेदियोवा, रूस की ईरान विशेषज्ञ हैं, जो कवि और लेखक भी हैं, वह इस बात पर यक़ीन रखती हैं कि समकालीन ईरान ने तरक़्क़ी का एक लंबा रास्ता तय किया है, ऐसी प्रगति के लिए कई शताब्दियों की आवश्यकता होती है। लूडमिला का मानना है कि इस्लामी क्रांति की महान सफलता के बाद ईरान एक रोल मॉडल देश बन गया है जो पूर्व और पश्चिमी दुनिया के लिए एक मिसाल है।
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इमाम ख़ुमैनी ज़ायोनी विचारधारा के ख़िलाफ़ संघर्ष के ध्वजवाहक
Apr ३०, २०२४ १०:०७शाह का तख्तापलट और इमाम खुमैनी के नेतृत्व में ईरान में इस्लामी व्यवस्था का शासन, ऐसा घातक और भीषण झटका था जिसने ज़ायोनीवादियों के विस्तारवादी लक्ष्यों को गंभीर रूप से ख़तरे में डाल दिया था।
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जनता ने ईरान में इस्लामी गणतंत्र को क्यों चुना, क्या जनता ने जो सपना देखा था वह हुआ साकार?
Apr ०१, २०२४ ०३:२५कल रविवार 12 फ़रवरदीन बराबर 1 अप्रैल था जो "इस्लामिक रिपब्लिक" का दिन था। यह दिन राष्ट्रीय सम्मान को साकार करने और क्रांतिकारी जनता के हाथों देश की नियति निर्धारित करने में महान ईरानी राष्ट्र की इच्छा की एक वास्तविक अभिव्यक्ति का दिन था।