-
ईरान हमेशा से वार्ता का पक्षधर रहा है, विदेशमंत्री
Dec ०७, २०२२ ०९:४३इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्री का कहना है कि हम वार्ता की मेज़ कभी भी नहीं छोड़ेंगे।
-
इस्राईल का विनाश निश्चित हैः ईरानी कमान्डर
Dec ०७, २०२२ ०८:४९ईरान की सशस्त्र सेना के सीनियर कमान्डर का कहना है कि इस्राईल का विनाश निश्चित है।
-
ईरान के बढ़ते क़दम को रोकने की अमरीका की नाकाम कोशिश...
Dec ०७, २०२२ ०७:२६अमरीका की एक सैन्य छावनी ने ईरान की ड्रोन क्षमताओं का मुक़ाबला करने की कोशिश और इस संबंध में कुवैत में स्थिति अली सालिम एयरबेस की गतिविधियों के बारे में ख़बर दी है।
-
ईरान में छात्र दिवस, क्यों मनाया जाता है बड़े पैमाने पर?
Dec ०७, २०२२ ०६:४०ईरान में आज बुधवार 7 दिसंबर को छात्र दिवस मनाया जाता है।
-
ईरान की तरफ़ से वार्ता की दावत पर क्यों ख़ामोश है सऊदी अरब?
Dec ०६, २०२२ १६:१६इस्लामी गणराज्य ईरान की तरफ़ से आपसी संबंधों को बेहतर बनाने और वार्ता का सिलसिला आगे बढ़ाने की दावत पर सऊदी अरब की ओर से कोई जवाब दिखाई नहीं दे रहा है बल्कि यह देखने में आ रहा है कि सऊदी अरब की सरकार ईरान के भीतर होने वाले दंगों का खुलकर समर्थन तो नहीं कर रही है मगर सऊदी अरब के पैसे से चलने वाले टीवी चैनलों को शायद इशारा कर दिया गया है कि वे ईरान में अशांति, हिंसा और दंगों का मुद्दा बढ़ चढ़ कर उठाएं और उसे हवा दें।
-
ईरान ने भर्त्सना की
Dec ०६, २०२२ १५:४१इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने अफगानिस्तान के मज़ार शरीफ और जलालाबाद में होने वाले विस्फोटों की भर्त्सना की है।
-
अमरीकी और इस्राईली ख़ुफ़िया अधिकारियों ने स्वीकार किया कि ईरान में हालिया दंगों से इस्लामी व्यवस्था को कोई ख़तरा नहीं है
Dec ०६, २०२२ १५:१७अमरीका द्वारा ईरान में हिंसा और दंगों का समर्थन करने के साथ ही अमरीकी और इस्राईली शीर्ष ख़ुफ़िया अधिकारियों का कहना है कि हालिया दिंगों से इस्लामी गणतंत्र को कोई नुक़सान पहुंचने वाला नहीं है।
-
आतंकियों पर ईरान का शिकंजा, ख़तरनाक आतंकी टीम का भंडाफोड़
Dec ०६, २०२२ १५:१४ईरान में ख़ूख़ांर आतंकी टीम को गिरफ़्तार कर लिया गया है।
-
वीडियो रिपोर्टः ब्रिटेन में तीन-तीन प्रधानमंत्री तो बदल गए पर हालात नहीं बदले! सुनक की कुर्सी भी ख़तरे में!
Dec ०६, २०२२ १०:५७ऋषि सुनक को ब्रिटेन का प्रधानमंत्री बने एक महीने से अधिक का समय हो रहा है। उनके पहले लिज़ ट्रस 44 दिन प्रधानमंत्री रही थीं। लेकिन बोरिस जॉनसन के समय से शुरू हुआ ब्रिटेन का संकट काल ख़त्म होने का नाम नहीं ले रहा है। सुनक के प्रधानमंत्री बनने के बाद ज़मीन पर क्या कुछ बदला है? शायद कुछ भी नहीं। महंगाई व जीवन-यापन की दुष्कर स्थितियों का आलम यह है कि वहां बेहतर वेतन की मांग को लेकर कई महीनों से चल रही हड़तालों का सिलसिला ख़त्म होने का नाम नहीं ले रहा है। उलटे उनका ...
-
ईरान को अशांत बनाने की कोशिश फिर हुई नाकाम, 12 विदेशी एजेंट हुए गिरफ़्तार
Dec ०६, २०२२ १०:४८सिपाहे पासदाराने इंक़ेलाब आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग ने सूचना दी है कि ईरान के केंद्रीय प्रांत से 12 ऐसे विदेशी एजंटों को गिरफ़्तार किया गया है कि जो देश की शांति व्यवस्था को भंग करने के लिए बड़ी योजना बना रहे थे।