-
रवीन्द्रनाथ टैगोर और ईरान: ईरानी और हिन्दुस्तानी ख़ूबसूरत तसव्वुर की झलक
May ०६, २०२४ १५:२५पार्सटुडेः रवीन्द्रनाथ टैगोर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के समर्थक थे और प्रेरणा के लिए अन्य एशियाई देशों की ओर देखते थे। उन्होंने ईरानियों के उपनिवेशवाद-विरोधी दृष्टिकोण को देखा था और यह, उनकी पारिवारिक रुचि के साथ, ईरान और भारत के बीच संबंधों में सुंदर घटनाओं का आधार बन गया।
-
वीडियो रिपोर्टः भारतीय लोगों का फ़ार्सी प्रेम, हिन्दी भाषा में फ़ार्सी किताबों का अनुवाद, दूरियां करेगा कम
Oct ०७, २०२२ १६:५९विश्व की लगभग 18 प्रतिशत जनसंख्या भारत में रहती है। भारतीय समाज का ईरान के साथ प्राचीन समय से इतिहास, साहित्य, संस्कृति और धर्म के संदर्भ में विभिन्न तरह के संबंध रहे हैं ... फ़ार्सी भाषा के भारतीय प्रोफेसर का कहना है कि फ़ार्सी भाषा मानवता की संस्कृति को हमेशा जीवित रखेगी। भारतीय फ़ार्सी भाषा के कवियों, लेखकों और वैज्ञानिकों की कृतियों को बहुमूल्य और मूल्यवान मानते हैं ... भारत में फ़ार्सी भाषा पर काम करने वाले एक प्रोफेसर का कहना है कि भारत के लोग फ़ार्सी भाषा को ...
-
तेहरान और नई दिल्ली का बीच मज़बूत होते रिश्ते, मोदी की मीठी फ़ार्सी ने जीता दिल
Sep १७, २०२२ ०९:०९ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि ईरान और भारत संबंधों को और मज़बूत करने और उसके विकास एवं विस्तार की राह पर आगे बढ़ रहे हैं।
-
उमर ख़य्याम कौन थे, ख़य्याम की उपाधि उन्हें क्यों दी गयी और दुनिया के बारे में उन्होंने कहे हैं?
May १८, २०२२ १२:०६उमर ख़य्याम का जन्म उस समय हुआ था जब राजनीतिक दृष्टि से अस्थिरता का माहौल था।
-
भारतीय बच्ची का शहीद क़ासिम सुलेमानी से प्रेम, दिल्ली में 6 किताबों का विमोचन
Aug १३, २०२१ ०९:४२भारत की राजधानी दिल्ली में एक कार्यक्रम फ़ार्सी भाषा में 6 नई किताबों का विमोचन हुआ।
-
पाकिस्तान में फ़ारसी भाषा सीखने की क्लासें दोबारा आरंभ, क्या वजह है कि लोग बहुत अधिक संख्या में फ़ारसी भाषा सीखना चाहते हैं?
Feb १९, २०२१ १४:१९आज़ादी से पहले भारत और पाकिस्तान में फ़ारसी भाषा के ज्ञाता को शिक्षित होने की अलामत समझा जाता था
-
वीडियो रिपोर्टः चंद्र गुप्ता ईरान के पवित्र शहर मशहद क्यों जाना चाहते हैं? भारतीय नौजवान की फ़ारसी भाषा से लगाव की क्या है वजह?
Jan ११, २०२१ १२:४०31 साल के इस भारतीय नौजवान ने दिल्ली विश्वविद्यालय से फ़ारसी और संस्कृत भाषाओं में डाक्ट्रेट की है ......... इन्होंने ईरानी लेखकों और कवियों की रचनाओं का हिंदी में अनुवाद किया है और इसी प्रकार पिछली शताब्दियों में हिंदी से फारसी में अनुवाद की गई पुस्तकों की समीक्षा की है। मैंने मौलाना की मसनवी की 125 कहानियों को हिंदी में अनुवाद किया है। इन्होंने 6 महीने ...
-
ख़्वाजा अब्दुल्लाह अंसारी-2
Mar १५, २०१६ १५:१२हमने बताया था कि अबू इस्माईल अब्दुल्लाह बिन मंसूर अंसारी का जन्म तूस के निकटवर्ती क्षत्र कोहनदेज़ में हुआ था।
-
फ़ार्सी सीखें 45
Jan ३१, २०१६ १०:५९सिल्क रोड बहुत ही प्राचीन मार्ग है जो कई देशों से होकर गुज़रता है तथा इसने विभिन्न देशों के मध्य आर्थिक तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान की भूमिका प्रशस्त की है।
-
आइए फ़ार्सी सीखें-43
Jan १७, २०१६ ११:१६ईरान में जहाज़रानी के उद्योग का इतिहास कई हज़ार वर्ष पुराना है।