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इस्राईल के साथ संबन्ध सामान्य करने का कुवैत ने किया विरोध
Sep १७, २०२० १३:५१कुवैत के संसद सभापति ने फ़िलिस्तीन संकट और इस्राईल के साथ संबन्धों के बारे में अपने देश की नीति स्पष्ट की है।
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कोई भी इज़्ज़तदार देश और शासन इस्राईल के साथ समझौता नहीं करेगाः अंसारुल्लाह
Sep १७, २०२० ०६:४९यमन के जनांदोलन अंसारुल्लाह के प्रवक्ता ने ज़ायोनी शासन के साथ कुछ अरब देशों द्वारा किए जाने वाले शर्मनाक समझौते को फ़िलिस्तीनी राष्ट्र के विश्वासघात क़रार दिया है।
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इस्राईल के साथ कुछ अरब देशों का शर्मनाक समझौता, ट्रम्प को कितना फ़ायदा?
Sep १७, २०२० ०५:४६विदेश नीति अमेरिकी चुनावों में कभी बड़ा मुद्दा नहीं रही है, लेकिन अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प जिनके सिर पर नवंबर महीने में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में हार का ख़तरा मंडरा रहा है उन्होंने कुछ अपने एजेंट अरब देशों, जिनमें संयुक्त अरब इमारात और बहरैन शामिल हैं, उनका इस्राईल का साथ शर्मनाक समझौता कराकर आगामी चुनावों में अपनी नैया पार लगाने के लिए इसका फ़ायदा उठाना चाहते हैं।
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बिन ज़ायद और बिन ख़लीफ़ा, ट्रम्प के चुनावी सर्कस के जोकर
Sep १६, २०२० १७:२२मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि लोगों के बीच संपर्क केवल 7 प्रतिशत शब्दों से होता है, 38 प्रतिशत आवाज़ के टोन से और 55 प्रतिशत बाॅडी लैंग्वेज से। अगर शब्द, बाॅडी लेंग्वेज से अलग होते हैं तो सामने वाला व्यक्ति शब्दों के बजाए बाॅडी लैंग्वेज पर भरोसा करता है। अगर इस नियम को मंगलवार के दिन ट्रम्प, नेतनयाहू, बिन ज़ायद और अज़्ज़य्यानी के सर्कस से जोड़ कर देखा जाए तो बड़ी ही आश्चर्यजनक सच्चाइयां सामने आएंगी।
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सऊदी अरब भी इस्राईल को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लेगाः ट्रम्प
Sep १६, २०२० १३:४२ज़ायोनी शासन के साथ संयुक्त अरब इमारात और बहरैन के संबंध स्थापित करने के समझौते पर दस्तख़त के तुरंत बाद अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा है कि सऊदी अरब भी इस्राईल को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लेगा।
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क्षेत्र में अवैध ज़ायोनी शासन के लिए मार्ग प्रशस्त करने वाले ही इसके दुष्परिणाम भुगतेंगेः ईरान
Sep १५, २०२० १६:२०ईरान का कहना है कि क्षेत्र में हर प्रकार की अशांति की ज़िम्मेदारी यूएई, बहरैन और हर उस देश पर आएगी जो क्षेत्र में अवैध ज़ायोनी शासन के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा।
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वीडियो रिपोर्टः अरब देशों की ग़द्दारी पर फ़िलिस्तीन में आक्रोश दिवस
Sep १५, २०२० १५:०२इमारात और बहरैन द्वारा ज़ायोनी शासन के साथ शांति समझौते पर दस्तख़त का पूरी दुनिया में कड़ा विरोध हो रहा हैं। इस ग़द्दारी व विश्वासघात पर पूरे फ़िलिस्तीन में आक्रोश दिवस के रूप में विरोध प्रदर्शन हुए हैं।
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वीडियो रिपोर्टः अरब देशों के विश्वासघात को कभी भुलाया नहीं जाएगा, फ़िलिस्तीनी-सीरियाई युवाओं ने अरब शासकों को दी चेतावनी
Sep १४, २०२० १६:२३सीरिया और फ़िलिस्तीन के युवाओं ने दमिश्क़ में एक कांफ्रेन्स का आयोजन किया और इमारात एवं बहरैन सहित अन्य अरब देशों द्वारा की गई षड्यंत्रकारी कार्यवाहियों की निंदा की ... हम इस तरह की कांफ्रेन्सों का आयोजन करके षड्यंत्रकारी अरब देशों, विशेषकर इमारात और बहरैन को यह बता देना चाहते हैं कि, जनता कभी भी तुम्हारे विश्वासघात को नहीं भूलेगी। वक्ताओं ने इस कांफ्रेन्स में घोषणा की कि फ़ार्स की खाड़ी के अरब देशों के शासकों के इस्राईल के साथ संबंधों के सामने आने के बाद, साम्राज्यवादी शक्तियों से संबंधित ۔۔۔
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अमरीका ने इन अरबों को क्या समझ रखा है, पुराने समय में जब कोई घर बार छोड़ता था तो किसी वफ़ादार जानवर को रखवाली पर रखता था...
Sep १३, २०२० १७:५३दुनिया के मुसलमान अगस्त और सितम्बर 2020 को कभी भी नहीं भूल पाएंगे।
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वीडियो रिपोर्टः एक के बाद एक अरब देशों का इस्राईल के सामने घुटने टेकने का सिलसिला जारी, ईश्वर के सामने झुकने वाले ज़ालिमों के आगे नहीं झुकते
Sep १३, २०२० १५:५१एक अन्य अरब देश द्वारा इस्राईल के साथ संबंध सामान्य करने पर फ़िलिस्तीनी राष्ट्र को कोई ज़्यादा आशचर्य नहीं हुआ है। बहरैनी शासन जो वर्षों से अपनी ही देश के नागरिकों का दमन करता चला आ रहा है, उसने अब स्वयं ज़ायोनी शासन की ग़ुलामी के पट्टे को अपनी गर्दन में डाल लिया है और उसके साथ शर्मनाक समझौता कर लिया है। यह एक ऐसा समझौता है कि जिसने राष्ट्र के दिल में छुरा घोंपा है ... इस तरह के समझौते अवैध ज़ायोनी शासन को वैध नहीं बना सकते हैं, यह शासन हमारा दुश्मन है, हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण मामला ....