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  • आख़िर अवैध इस्राईली शासन में ऐसा क्या है कि हज़ारों बच्चों के हत्यारे नेतन्याहू के साथ खड़ा है अमेरिका और कुछ यूरोपीय देश?

    आख़िर अवैध इस्राईली शासन में ऐसा क्या है कि हज़ारों बच्चों के हत्यारे नेतन्याहू के साथ खड़ा है अमेरिका और कुछ यूरोपीय देश?

    Nov १५, २०२३ १२:३२

    इस समय दुनिया के ज़्यादातर इंसानों के मन में एक सवाल ऐसा सवाल है कि जिसका जवाब किसी को भी नहीं मिल पा रहा है। सवाल यही है कि आख़िर पश्चिमी एशिया में मौजूद अवैध शासन इस्राईल में ऐसा क्या है कि उसके हर अपराध और विशेषकर उसके द्वारा हज़ारों बच्चों की हत्या किए जाने का बावजूद अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और कनाडा समेत कई अन्य देश उसका समर्थन करते चले आ रहे हैं। अवैध ज़ायोनी शासन का समर्थन करने के पीछे क्या उनकी मजबूरी है या फिर यह उनकी किसी साज़िशी योजना का हिस्सा है।

  • वीडियो रिपोर्टः सुरक्षा परिषद की बैठक में फ़िलिस्तीनी राजदूत की गुहार पर नहीं लगी मुहर, अमेरिका और ब्रिटेन ने इस्राईल को फिर दी हरी झंडी, आख़िर फ़िलिस्तीनियों के साथ सौतेला रवैया क्यों?

    वीडियो रिपोर्टः सुरक्षा परिषद की बैठक में फ़िलिस्तीनी राजदूत की गुहार पर नहीं लगी मुहर, अमेरिका और ब्रिटेन ने इस्राईल को फिर दी हरी झंडी, आख़िर फ़िलिस्तीनियों के साथ सौतेला रवैया क्यों?

    Nov १२, २०२३ १०:५८

    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक के आरंभ में फ़िलिस्तीन के राजदूत रियाज़ मंसूर ने अपील करते हुए कहा कि ग़ज़्ज़ा के बेगुनाह लोगों का नरसंहार तुरंत बंद किया जाए, इसी वक़्त उसे रोका जाना चाहिए, लेकिन दुखद बात यह रही कि उनके इस अनुरोध पर कोई भी तवज्जो नहीं दी गई, इसकी वजह अमेरिका और ब्रिटेन ही रहे जो लगातार ग़ज़्ज़ा में युद्धविराम का विरोध करते आ रहे हैं। फ़िलिस्तीनी राजदूत ने कहा कि ग़ज़्ज़ा में संघर्ष विराम के लिए महासभा के प्रस्ताव को लागू किया जाना चाहिए, और ग़ज़्ज़ा के बारे में ...

  • हथियार देने में जितनी तेज़ी करते हैं उतनी जल्दबाज़ी युद्धविराम के लिए क्यों नहीं करते अमेरिका और यूरोपीय देश?

    हथियार देने में जितनी तेज़ी करते हैं उतनी जल्दबाज़ी युद्धविराम के लिए क्यों नहीं करते अमेरिका और यूरोपीय देश?

    Nov ०५, २०२३ १४:२७

    इस समय पूरी दुनिया की नज़र ग़ज़्ज़ा युद्ध पर टिकी हुई है। हर दिन मरने वालों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। सबसे दुखद चीज़ जो इस युद्ध में देखने को मिल रही है वह है मरने वालों में बच्चों और महिलाओं की तादाद। लेकिन सवाल यहां यह उठता है कि आख़िर फ़िलिस्तीनियों के इस नरसंहार के पीछे कौन लोग हैं और उनके क्या हित छिपे हुए हैं?

  • आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामनेई ने इस्राईल को लेकर अमेरिका की बेचैनी का बताया कारण, असीमित धैर्य और ईश्वर पर भरोसे की एक झलक है ग़ज़्ज़ा

    आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामनेई ने इस्राईल को लेकर अमेरिका की बेचैनी का बताया कारण, असीमित धैर्य और ईश्वर पर भरोसे की एक झलक है ग़ज़्ज़ा

    Oct २६, २०२३ ११:०५

    ईरान की इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने ग़ज़्ज़ा की मज़लूम, धैर्यवान और मज़बूत इरादों वाली जनता और आतंकी अवैध शासन इस्राईल द्वारा किए जा रहे अत्याचारों की ओर इशारा करते हुए कहा है कि घायल होकर ज़मीन पर ढेर हो चुका अवैध शासन, फ़िलिस्तीनी जियालों के घातक वार का बदला ग़ज़्ज़ा की जनता से ले रहा है।

  • फेल होती योजनाओं से बौखलाया इस्राईल! हमास के जियाले आतंकी ज़ायोनी सेना की हर साज़िश का दे रहे हैं मुंहतोड़ जवाब

    फेल होती योजनाओं से बौखलाया इस्राईल! हमास के जियाले आतंकी ज़ायोनी सेना की हर साज़िश का दे रहे हैं मुंहतोड़ जवाब

    Oct २३, २०२३ १६:०२

     इस समय पूरी दुनिया ग़ाज़ा पर इस्राईल द्वारा किए जा रहे पाश्विक हमलों का साक्षी है। लेकिन साथ-साथ वह इस बात को लेकर हैरान है कि कैसे एक प्रतिरोध आंदोलन, एक ऐसी सेना का मुक़ाबला कर रहा है कि जिसका अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी समेत कई बड़े-बड़े देश दे रहे हैं।

  • लाशों के ढेर, घायलों की चीख़-पुकार और चुप-चाप देखता विश्व समाज, अनगिनत तुफ़ानों के लिए तैयार रहे दुनिया!

    लाशों के ढेर, घायलों की चीख़-पुकार और चुप-चाप देखता विश्व समाज, अनगिनत तुफ़ानों के लिए तैयार रहे दुनिया!

    Oct २३, २०२३ १२:०९

    इन दिनों फ़िलिस्तीन में साम्राज्यवादी शक्तियां जो आतंकी इस्राईल के साथ मिलकर कर रही हैं वह एक ऐसी त्रास्दी है कि जिसके बारे में भी सोच कर रूह कांप जाती है। कोरोना महामारी के नाम पर दुनिया को पूरी तरह रोक देने वाला संयुक्त राष्ट्र संघ ग़ाज़ा के हालात पर बेबस नज़र आ रहा है। आख़िर ऐसा क्या है कि फ़िलिस्तीनी बच्चों के नरसंहार पर विश्व के ज़्यादातर देश अपनी आंखें मूंदे हुए हैं? यह एक ऐसा सवाल है कि जिसके जवाब के साथ ही दुनिया में शांति स्थापित हो सकती है।

  • दुनिया बदल रही है, मज़लूमों के बजाए हमलावरों के साथ खड़े होने का चलन, बाइडन के बाद सुनक पहुंचे इस्राईल

    दुनिया बदल रही है, मज़लूमों के बजाए हमलावरों के साथ खड़े होने का चलन, बाइडन के बाद सुनक पहुंचे इस्राईल

    Oct १९, २०२३ १३:४३

    दुनिया काफ़ी बदल चुकी है, इसका सबूत यह है कि आमतौर से यह देखा जाने लगा है कि दुनिया के ज़्यादातर देश आजकल उनके साथ खड़े हुए दिखाई देते हैं जो ताक़तवर और हमलावर होते हैं। आतंकी इस्राईल द्वारा पिछले 13 दिनों से ग़ाज़ा पर पाश्विक हमले किए जा रहे हैं इन हमलों में हज़ारों बेगुनाह लोगों की जान जा चुकी है। लेकिन उसके बावजूद अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, कनाडा और फ्रांस समेत ज़्यादातर पश्चिमी देश अवैध ज़ायोनी शासन के साथ खड़े हुए दिखाई दे रहे हैं।

  • फ़िलिस्तीन अभी ज़िन्दा है, अलअक़्सा तूफ़ान ने बहुत सारी तस्वीरों को किया साफ़, एक झटके में नेतन्याहू का सपना हुआ चकनाचूर!

    फ़िलिस्तीन अभी ज़िन्दा है, अलअक़्सा तूफ़ान ने बहुत सारी तस्वीरों को किया साफ़, एक झटके में नेतन्याहू का सपना हुआ चकनाचूर!

    Oct १७, २०२३ १३:२४

    एक ओर 75 वर्षों से फ़िलिस्तीनी जनता का ख़ून बहाने वाला अवैध आतंकी शासन इस्राईल है और दूसरी ओर सात दशक पहले दर-दर भटक रहे यहूदियों को सिर छिपाने के लिए अपनी जगह देने वाले दयालु, बाहदुर, धैर्यवान और इस समय दुनिया की सबसे पीड़ित फ़िलिस्तीनी जनता है। हंसी के साथ-साथ शर्म आती है उन नेताओं, पत्रकारों और संस्थाओं पर जो फ़िलिस्तीन के संघर्षकर्ताओं को आतंकवादी और इस्राईली आतंकियों को आत्मरक्षा करने वाले सिपाही बता रहे हैं।

  • ब्रितानी प्रधानमंत्री संदेह के घेरे में, भारत से किए गए व्यापार समझौते से परिवार को फ़ायदा पहुंचने का एंगल

    ब्रितानी प्रधानमंत्री संदेह के घेरे में, भारत से किए गए व्यापार समझौते से परिवार को फ़ायदा पहुंचने का एंगल

    Aug २७, २०२३ १५:२२

    ब्रिटेन एक मुद्दा गर्मा गया है कि भारतीय मूल के ब्रितानी प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की सरकार ने भारत के साथ जो व्यपारिक समझौता किया है उससे उनके परिवार की कंपनी को भारी मुनाफ़ा हासिल होने वाला है।

  • यमन पर अब ब्रिटेन ने गढ़ाई अपनी लालची नज़र, सैन्य अड्डा बनाने की कोशिश

    यमन पर अब ब्रिटेन ने गढ़ाई अपनी लालची नज़र, सैन्य अड्डा बनाने की कोशिश

    Aug २६, २०२३ १४:०७

    यमन पर सऊदी अरब और उसके सहयोगियों द्वारा आरंभ किए गए पाश्विक हमलों को वर्षों का समय बीत रहा है, इस दौरान जहां अमेरिका और कई पश्चिमी देशों ने पश्चिमी एशिया के इस सबसे ग़रीब देश को तबाह करने में अहम भूमिका निभाई है वहीं अब ब्रिटेन ने भी यमन को अपनी लालची नज़रों से देखना शुरू कर दिया है।

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