-
उपनिवेशवाद का दंश/ कपास, आग और अकाल, जर्मनी के अपराध के निशान
Feb २३, २०२६ १२:०५फ़ार्स टुडे- 19वीं और 20वीं सदी में उपनिवेशवाद का मतलब सिर्फ दुनिया के नक्शे पर झंडे फहराना नहीं था, यह एक संगठित परियोजना थी जिसका उद्देश्य भूमि, संसाधनों और श्रम पर प्रभुत्व स्थापित करना था, जिसने अधीन समाजों की आर्थिक और सामाजिक संरचनाओं को पूरी तरह बदल कर रख दिया।
-
आजकल-
Oct १५, २०२५ १४:१९सांस्कृतिक धरोहर वह चीज़ है जो हमें पहचान देती है और कुछ अवसरों पर सांस्कृतियों के बीच मतभेद को प्रदर्शित करने का हथियार भी समझा जाता है।
-
अमेरिकी सेना ड्रोन युद्ध में क्यों पिछड़ रही है?
Sep १६, २०२५ १२:०८पार्स टुडे - अपने विशाल सैन्य बजट और उन्नत प्रणालियों तक पहुँच के बावजूद, अमेरिका छोटे, सस्ते ड्रोन के क्षेत्र में यूक्रेन जैसे प्रतिस्पर्धियों से पिछड़ गया है, जिन्होंने आधुनिक युद्धक्षेत्रों की सूरत बदल दी है।
-
ज़ायोनी विश्लेषक: इज़राइली अधिकारी झूठ बोल रहे हैं, सभी इज़राइली सैनिक हैं
Jan ११, २०२५ १२:५६पार्सटुडे – एक ज़ायोनी विश्लेषक का कहना है कि मकबूज़ा क्षेत्रों में हर घर में एक ज़ायोनी सैनिक है। उनका कहना था: सभी "इज़राइली" वास्तव में इज़राइली शासन के सैनिक हैं।
-
क्या इस्राईली लड़कियों को ज़्यादा से ज़्यादा हिंसा करने वाले सैनिक पसंद हैं?
May ०९, २०२४ ०९:३८पार्सटुडेः नाम न छापने की शर्त पर एक स्वतंत्र शोधकर्ता के अनुसार, सोशल नेटवर्क पर इस्राईलियों के अजीब व्यवहार से पता चलता है कि इस्राईली समाज सामूहिक तौर पर पागलपन का शिकार है।
-
आख़िर पश्चिम अपनी साख इस्राईल के लिए क्यों दांव पर लगा रहा है?
Apr १८, २०२४ १५:५३पार्सटुडेः पश्चिम द्वारा इस्राईली राज्य के समर्थन के प्रमुख कारणों में से एक, अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन की पश्चिमी एशिया में भूगोलिक स्थिति है जो रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्र है।
-
वीडियो रिपोर्टः बाइडन और उनके मंत्रियों पर मुक़दमा हुआ दायर, आख़िर व्हाइट हाउस में बैठे मदारी ग़ज़्ज़ा में युद्धविराम क्यों नहीं चाहते हैं?
Jan १६, २०२४ १०:५४एक अभूतपूर्व क़दम में, दुनिया भर के 77 नागरिक कार्यकर्ता समूहों और मानवाधिकार संगठनों ने ग़ज़्ज़ा नरसंहार में उनकी भागीदारी के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति, राज्य सचिव और रक्षा सचिव पर कैलिफ़ोर्निया, अमेरिका की एक अदालत में मुक़दमा दायर किया। इन संस्थाओं और संगठनों द्वारा बाइडन और उनके दो मंत्रियों के ख़िलाफ़ दायर किए गए मुक़दमे की वजह यह बताई गई है कि उन्होंने न केवल अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों का उल्लंघन किया है बल्कि उन्होंने ग़ज़्ज़ा में मानवता को शर्मसार कर देने वाले जनसंहार को ...
-
भारतीय विदेश मंत्री की ईरानी राष्ट्रपति के साथ महत्वपूर्ण मुलाक़ात, मोदी को रईसी ने दी शुभकामनाएं, ग़ज़्ज़ा पर हमलों को रुकावाने में अहम भूमिका निभा सकता है भारत!
Jan १६, २०२४ ०७:१३भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को ईरान के राष्ट्रपति डॉक्टर इब्राहीम राइसी से मुलाक़ात की। इस मौक़े पर ईरानी राष्ट्रपति ने चाबहार बंदरगाह विकास योजना सहित ईरान और भारत के बीच हुए समझौतों के कार्यान्वयन में तेज़ी लाने पर ज़ोर दिया।
-
सत्य का मोर्चा निश्चित रूप से विजयी होगाः जनरल बाक़ेरी
Dec ०९, २०२३ १३:२६ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ ने कहा है कि ग़ज़्ज़ा में अपराधों को रोकना ज़ायोनी शासन के हित में है। जनरल बाक़ेरी ने कहा कि सत्य का मोर्चा निश्चित रूप से विजयी होगा।
-
रिपोर्टः ग़ज़्ज़ा में चार दिवसीय युद्धविराम हुआ आरंभ, नेतन्याहू का अहंकार मिट्टी में मिला!
Nov २४, २०२३ १२:०२फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हमास और अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन की ज़ायोनी सरकार के बीच 48 दिनों के बाद चार दिवसीय युद्धविराम का कार्यान्वयन शुरू हो गया है।