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अल-शिफ़ा अस्पताल में इस्राईल के हाथों क्या लगा? अमेरिकी चैनल ने इस रहस्य से उठाया पर्दा!
Nov १७, २०२३ ११:५०एक अमेरिकी चैनल का कहना है कि अल-शिफ़ा मेडिकल कॉम्प्लेक्स के नीचे सुरंग नेटवर्क के होने का कोई सबूत या संकेत नहीं मिला है।
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आख़िर अवैध इस्राईली शासन में ऐसा क्या है कि हज़ारों बच्चों के हत्यारे नेतन्याहू के साथ खड़ा है अमेरिका और कुछ यूरोपीय देश?
Nov १५, २०२३ १६:०२इस समय दुनिया के ज़्यादातर इंसानों के मन में एक सवाल ऐसा सवाल है कि जिसका जवाब किसी को भी नहीं मिल पा रहा है। सवाल यही है कि आख़िर पश्चिमी एशिया में मौजूद अवैध शासन इस्राईल में ऐसा क्या है कि उसके हर अपराध और विशेषकर उसके द्वारा हज़ारों बच्चों की हत्या किए जाने का बावजूद अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और कनाडा समेत कई अन्य देश उसका समर्थन करते चले आ रहे हैं। अवैध ज़ायोनी शासन का समर्थन करने के पीछे क्या उनकी मजबूरी है या फिर यह उनकी किसी साज़िशी योजना का हिस्सा है।
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यूरोप को इस्राईल का समर्थन मंहगा पड़ा, यहूदी विरोधी भावनाओं में तेज़ी आई
Nov १४, २०२३ १३:०७फ़िलिस्तीनियों के ख़िलाफ़ इस्राईल के अपराधों में तेज़ी आने और ज़ायोनी शासन के नरसंहार के लिए पश्चिमी देशों के व्यापक समर्थन के कारण दुनिया में यहूदी-विरोधी भावना में वृद्धि हो गयी है इसीलिए फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉ ने एक पत्र में अपने देश में यहूदी विरोध भवनाओं में वृद्धि की निंदा की और बेलगाम यहूदी विरोधी भावनाओं में असहनीय वृद्धि पर चेतावनी दी है।
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हथियार देने में जितनी तेज़ी करते हैं उतनी जल्दबाज़ी युद्धविराम के लिए क्यों नहीं करते अमेरिका और यूरोपीय देश?
Nov ०५, २०२३ १७:५७इस समय पूरी दुनिया की नज़र ग़ज़्ज़ा युद्ध पर टिकी हुई है। हर दिन मरने वालों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। सबसे दुखद चीज़ जो इस युद्ध में देखने को मिल रही है वह है मरने वालों में बच्चों और महिलाओं की तादाद। लेकिन सवाल यहां यह उठता है कि आख़िर फ़िलिस्तीनियों के इस नरसंहार के पीछे कौन लोग हैं और उनके क्या हित छिपे हुए हैं?
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इस्राईल का विरोध करने पर जहां प्रतिबंध, वहीं पर हो रहे हैं इस्राईल विरोधी प्रदर्शन
Oct ३१, २०२३ १४:२६योरोप में फ़िलिस्तीनियों के समर्थन में होने वाले प्रदर्शनों ने वहां के नेताओं को परेशान कर रखा है।
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हवा में उड़ती इस्राईली ताक़त, दुम दबाकर ग़ज़्ज़ा की सीमा से भागते हुए दिखाई दिए आतंकी ज़ायोनी सैनिक, वीडियो देखकर आप भी फ़िलिस्तीनी जियालों को करेंगे सलाम
Oct ३०, २०२३ १८:४५फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हमास की सैन्य शाख़ा क़स्साम ब्रिगेड और आतंकी इस्राईली सैनिकों के बीच ग़ज़्ज़ा के सीमावर्ती इलाक़े ईरज़ में मौजूद आतंकी ज़ायोनी सेना के ठिकाने के बिल्कुल नज़दीक भीषण झड़पें जारी हैं। इस बीच ग़ज़्ज़ा में घुसपैठ करने की योजना बना रही आतंकी इस्राईली सेना को उलटे पैर वापस भागना पड़ा है।
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झूठे आरोपों के दम पर घायल फ़िलिस्तीनियों को मौत के घाट उतारने की नेतन्याहू ने रची साज़िश, ग़ज़्ज़ा में अब तक का सबसे बड़ा मानवीय संकट
Oct २८, २०२३ १५:०५अवैध आतंकी शासन इस्राईल ग़ज़्ज़ा में हर तरह के युद्ध अपराधों को अंजाम दे रहा है। वहीं उसके इन जघन्य अपराधों में अमेरिका और कुछ यूरपीय देश बराबर के भागीदार हैं। द टाइम्स ऑफ इस्राईल की रिपोर्ट के अनुसार, आतंकी ज़ायोनी सेना के प्रवक्ता ने शुक्रवार को यह दावा किया है कि हमास का मुख्य संचालन केंद्र ग़ज़्ज़ा शहर में स्थित शिफ़ा अस्पताल के अंतर्गत है।
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हांपते-कांपते इस्राईल पहुंचने वाली अमेरिकी और यूरोपीय नेताओं के लिए सूचना, अवैध शासन का समय अब पूरा हो चुका: इमामे जुमा तेहरान
Oct २७, २०२३ १७:२३तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के इमाम ने अलअक़्सा तूफ़ान ऑपरेशन से प्राप्त होने वाली उपलब्धियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि जिस दिन अलअक़्सा तूफ़ान ऑपरेशन हुआ उस दिन को फ़िलिस्तीनी राष्ट्र के लिए अनुकंपा दिवस और ज़ायोनी शासन के लिए नक़्बा दिवस माना जाना चाहिए।
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अब न्यूज़ीलैंड ने भी भारत के मुकाबले में आधारिक तौर पर कनाडा के पक्ष का समर्थन कर दिया है।
Oct २६, २०२३ १९:१८भारत और कनाडा के बीच आरंभ हुआ राजनीतिक विवाद अब भी जारी है।
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दाइश, अलक़ायदा और अन्य आतंकवादी गुटों का असली चेहरा आया सामने, केवल मुसलमानों के नरसंहार की योजना का नाम है इस्लामी आतंकवाद!
Oct २५, २०२३ १४:५९पिछले कुछ दशकों से पूरी दुनिया में आतंकवाद की ऐसी लहर चली कि हर कोई उससे ख़ुद को प्रभावित होता हुआ देख रहा था। वहीं ख़ास बात यह थी कि इस आतंकवाद के साथ इस्लाम का शब्द भी जोड़ दिया गया था। देखते ही देखते अंतर्राष्ट्रीय मंच पर इस्लामी आतंकवाद को लेकर चर्चा होने लगी। इसका असर यह हुआ कि विश्वभर में लोग मुसलमानों को आतंकी के तौर पर देखने लगे। लेकिन इस आतंकवाद ने अगर सबसे ज़्यादा किसी को नुक़सान पहुंचाया तो वह कोई और नहीं बल्कि मुसलमान और इस्लामी देश ही हैं।