Pars Today

Hindi
  • होम
  • रेडियो
  • Albanian shqip
  • Armenian Հայերեն
  • Assyrian ܐܬܘܪ̈ܝܐ
  • Azeri Azəri
  • Bangla বাংলা
  • Chinese 中文
  • Dari دری
  • English English
  • French français
  • German Deutsch
  • Hausa Hausa
  • Hebrew עברית
  • Hindi हिन्दी
  • Indonesian Bahasa Indonesia
  • Italian Italiano
  • Japanese 日本語
  • Kazakh қазақ тілі
  • Kiswahili Kiswahili
  • Pashto پښتو
  • Persian فارسی
  • Russian Русский
  • Spanish Español
  • Tajik Тоҷик
  • Taleshi Tolışə
  • Turkish Türkçe
  • Turkmen Türkmen
  • Uzbek узбек
  • विश्व
  • पश्चिमी एशिया
  • ईरान
  • धर्म
  • पार्स पीडिया
  • डिस-इन्फ़ो

लेख

  • आख़िर इतनी नफ़रत लाते कहां से हैं? समाज में ज़हर घोलने वालों से रहें होशियार

    आख़िर इतनी नफ़रत लाते कहां से हैं? समाज में ज़हर घोलने वालों से रहें होशियार

    Dec ०३, २०२३ १५:२७

    हमारे भारतीय समाज में धार्मिक सद्भावना की जड़ें इतनी गहरी हैं कि दुनिया भारत के इस सद्भावना पूर्ण इतिहास की मिसालें पेश करती है। भारत को "अनेकता में एकता" रखने वाले देश के रूप में जाना जाता है।

  • ईरान और भारत के बीच दरार डालने वालों के लिए बुरी ख़बर, युद्ध की आग में रोटियां सेंकने वालों के टूटे सपने!

    ईरान और भारत के बीच दरार डालने वालों के लिए बुरी ख़बर, युद्ध की आग में रोटियां सेंकने वालों के टूटे सपने!

    Nov २७, २०२३ १४:३५

    दुनिया भर में अशांति की आग भड़काने वाली शक्तियों का हमेशा यह प्रयास होता है कि वे इस अशांति की आग से जितना ज़्यादो हो सके लाभ उठा सके। यही हाल कुछ अवैध आतंकी इस्राईली शासन और फ़िलिस्तीन के लोकप्रिय जनांदोलन हमास के बीच ग़ज़्ज़ा में जारी युद्ध में भी देखा गया है। जहां इस्लामी गणराज्य ईरान समेत कुछ देश लगातार यह कोशिश कर रहे हैं कि ग़ज़्ज़ा में शांति स्थापित हो तो वहीं दुनिया की साम्राज्यवादी शक्तियां इस युद्ध की आग अधिक भड़काने के लिए हर स्तर को कोशिशें कर रही हैं।

  • ग़ज़ा के लोगों को वहां से बेदख़ल करने की पूरी हो चुकी है तैयारी...भयानक पश्चिमी व इस्राईली मंसूबा स्वीकार करने के लिए कोई भी नहीं तैयार

    ग़ज़ा के लोगों को वहां से बेदख़ल करने की पूरी हो चुकी है तैयारी...भयानक पश्चिमी व इस्राईली मंसूबा स्वीकार करने के लिए कोई भी नहीं तैयार

    Nov २०, २०२३ १३:२९

    इन दिनों अमरीका और यूरोप के नेताओं का ध्यान दो बातों पर बहुत केन्द्रित है और इस पर स्ट्रैटेजिक स्टडीज़ सेंटर्ज़ में भी बड़ा मंथन हो रहा है। यह दोनों विषय ग़ज़ा से जुड़े हुए हैं।

  • आख़िर अवैध इस्राईली शासन में ऐसा क्या है कि हज़ारों बच्चों के हत्यारे नेतन्याहू के साथ खड़ा है अमेरिका और कुछ यूरोपीय देश?

    आख़िर अवैध इस्राईली शासन में ऐसा क्या है कि हज़ारों बच्चों के हत्यारे नेतन्याहू के साथ खड़ा है अमेरिका और कुछ यूरोपीय देश?

    Nov १५, २०२३ १२:३२

    इस समय दुनिया के ज़्यादातर इंसानों के मन में एक सवाल ऐसा सवाल है कि जिसका जवाब किसी को भी नहीं मिल पा रहा है। सवाल यही है कि आख़िर पश्चिमी एशिया में मौजूद अवैध शासन इस्राईल में ऐसा क्या है कि उसके हर अपराध और विशेषकर उसके द्वारा हज़ारों बच्चों की हत्या किए जाने का बावजूद अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और कनाडा समेत कई अन्य देश उसका समर्थन करते चले आ रहे हैं। अवैध ज़ायोनी शासन का समर्थन करने के पीछे क्या उनकी मजबूरी है या फिर यह उनकी किसी साज़िशी योजना का हिस्सा है।

  • हम तो डूबे हैं सनम तुमको भी ले डूबेंगे, अमेरिका के कारण गिरती संयुक्त राष्ट्र संघ की साख!

    हम तो डूबे हैं सनम तुमको भी ले डूबेंगे, अमेरिका के कारण गिरती संयुक्त राष्ट्र संघ की साख!

    Nov १३, २०२३ १५:२९

    जिस प्रकार ग़ज़्ज़ा में अवैध इस्राईली शासन द्वारा अमेरिका और कुछ पश्चिमी देशों के समर्थन से सभी मानवाधिकारों और राष्ट्र संघ के प्रस्तावों को पैरों तले रौंदा जा रहा है उसको देखते हुए अब यह कहा जाने लगा है कि अमेरिका की मनमानी और उसकी वर्चस्ववादी नीतियों के कारण जिस प्रकार उसका पतन हो रहा है उसी तरह संयुक्त राष्ट्र संघ पर अमेरिका के लगातार बढ़ते प्रभाव की वजह से इस अंतर्राष्ट्रीय संस्था की साख मिट्टी में मिलती जा रही है।

  • जंगों की सच्चाई बयान करता गज़्ज़ा युद्ध! जिसका पूरा होगा लक्ष्य वह होगा विजयी, फ़िलिस्तीनी दोहराएंगे इतिहास!

    जंगों की सच्चाई बयान करता गज़्ज़ा युद्ध! जिसका पूरा होगा लक्ष्य वह होगा विजयी, फ़िलिस्तीनी दोहराएंगे इतिहास!

    Nov १३, २०२३ १४:१२

    ग़ज़्ज़ा में एक ऐसी जंग जारी है कि जहां दुनिया के शक्तिशाली देश और शासन एक ओर हैं तो वहीं फ़िलिस्तीन की मज़लूम जनता के साथ हमेशा मज़लूमों का साथ देने वाले खड़े हुए हैं। इस युद्ध की तस्वीर इतनी साफ़ है कि कोई भी इंसान यह देखकर आसानी से बता देगा कि ज़ालिम कौन है और मज़लूम कौन है।

  • हसन तेहरानी मुक़द्दम, महान मिसाइल मैन ने ईरान की ताक़त आसमान पर पहुंचाने के साथ ही रेज़िस्टेंस फ़ोर्सेज़ के बाज़ू मज़बूत कर दिए

    हसन तेहरानी मुक़द्दम, महान मिसाइल मैन ने ईरान की ताक़त आसमान पर पहुंचाने के साथ ही रेज़िस्टेंस फ़ोर्सेज़ के बाज़ू मज़बूत कर दिए

    Nov १२, २०२३ १५:५६

    हिज़्बुल्लाह लेबनान के प्रमुख सैयद हसन नसरुल्लाह ने शनिवार के भाषण में बुरकान मिसाइल का नाम लिया और बताया कि यह मिसाइल इस्राईल के ख़िलाफ़ इस्तेमाल किया गया। इस मिसाइल का वारहेड 500 किलोग्राम का है और व्यापक विध्वंसक क्षमता रखता है।

  • ब्लिंकन ने यह तो माना कि ग़ज़ा के लोगों को वहां से बेदख़ल न किया जाए मगर इससे सहमत हैं कि ग़ज़ा में नजरसंहार जारी रहे!

    ब्लिंकन ने यह तो माना कि ग़ज़ा के लोगों को वहां से बेदख़ल न किया जाए मगर इससे सहमत हैं कि ग़ज़ा में नजरसंहार जारी रहे!

    Nov ०६, २०२३ १७:०६

    फ़िलिस्तीन मूल के विख्यात पत्रकार अब्दुल बारी अतवान की समीक्षा अमरीकी विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन ने फ़रमाया कि ग़ज़ा के लोगों को जबरन वहां से विस्थापित किए जाने का वो विरोध करते हैं।

  • ग़ज़ा युद्ध को एक महीना पूरा...इस्राईल के सामने 5 गंभीर चुनौतियां

    ग़ज़ा युद्ध को एक महीना पूरा...इस्राईल के सामने 5 गंभीर चुनौतियां

    Nov ०६, २०२३ १५:१७

    इस्राईल पर सात अक्तूबर को जो गहरा वार लगा उससे वह अब तक उबर नहीं सका है, इस बीच वो ग़ज़ा पट्टी में भयानक रूप से नरसंहार कर रहा है जिसकी पूरी दुनिया में निंदा हो रही है मगर इस बीच ग़ज़ा पट्टी से इस्राईली क़ब्ज़े वाले इलाक़ों पर लगातार मिसाइल हमले हो रहे हैं। सवाल यह है कि इस्राईल के सामने क्या चुनौतियां हैं?

  • हथियार देने में जितनी तेज़ी करते हैं उतनी जल्दबाज़ी युद्धविराम के लिए क्यों नहीं करते अमेरिका और यूरोपीय देश?

    हथियार देने में जितनी तेज़ी करते हैं उतनी जल्दबाज़ी युद्धविराम के लिए क्यों नहीं करते अमेरिका और यूरोपीय देश?

    Nov ०५, २०२३ १४:२७

    इस समय पूरी दुनिया की नज़र ग़ज़्ज़ा युद्ध पर टिकी हुई है। हर दिन मरने वालों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। सबसे दुखद चीज़ जो इस युद्ध में देखने को मिल रही है वह है मरने वालों में बच्चों और महिलाओं की तादाद। लेकिन सवाल यहां यह उठता है कि आख़िर फ़िलिस्तीनियों के इस नरसंहार के पीछे कौन लोग हैं और उनके क्या हित छिपे हुए हैं?

अधिक...
टॉप न्यूज़
  • पिज़िश्कियान का ट्रंप की टिप्पणियों का जवाब: हम आक्रमणकारियों के पूरी तरह पछताने तक प्रतिरोध जारी रखेंगे

    पिज़िश्कियान का ट्रंप की टिप्पणियों का जवाब: हम आक्रमणकारियों के पूरी तरह पछताने तक प्रतिरोध जारी रखेंगे

    १५ hours ago
  • ईरानी नौसैनिक युद्ध के समीकरण बदल रहे हैं: "क़ासिम बसीर" मिसाइल और अमेरिकी विमानवाहक पोतों के लिए नया ख़तरा

  • ईरान के खिलाफ अमेरिकी युद्ध; अमेरिकियों के लिए इसके स्पष्ट और छिपे हुए परिणाम

  • इराक़ची: होर्मुज़ जलडमरूमध्य को सामान्य स्थिति में लौटने का रास्ता, अमेरिका का इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन पर लौटना है

  • IRGC के उप प्रमुख: होर्मुज़ जलडमरूमध्य मज़बूती से इस्लामी योद्धाओं के नियंत्रण में है

संपादक की पसंद
  • यमन का अरामको और सऊदी अरब के अन्य संवेदनशील ठिकानों पर बड़ा हमला

    यमन का अरामको और सऊदी अरब के अन्य संवेदनशील ठिकानों पर बड़ा हमला

    १५ hours ago
  • ईरान के खिलाफ अमेरिकी आर्थिक युद्ध के लिए कनाडा के समर्थन पर बक़ाई की प्रतिक्रिया

    ईरान के खिलाफ अमेरिकी आर्थिक युद्ध के लिए कनाडा के समर्थन पर बक़ाई की प्रतिक्रिया

    १५ hours ago
  • मरियम के साथ ईरानी खाना | क़ज़्वीनी हलीम; रेशम से भी नरम, यादों से भी गरम

    मरियम के साथ ईरानी खाना | क़ज़्वीनी हलीम; रेशम से भी नरम, यादों से भी गरम

    १९ hours ago
अधिक देखी गई ख़बरें
  • ज़ायोनी सांसद: इज़राइल के लिए नेतन्याहू को हटाना ज़रूरी है

  • ज़ायोनी शासन और अंतरिक्ष से ज़मीनी लक्ष्यों पर हमला करने का सपना

  • मेजर जनरल रेज़ाई: वाशिंगटन को ईरान की नई मिसाइलों से स्पष्ट चेतावनी मिली

  • ईरान के साथ युद्ध ने अमेरिकी उपभोक्ताओं पर 100 अरब डॉलर का अतिरिक्त ऊर्जा बोझ डाला

  • विश्लेषण | 40 डॉलर का तेल; वैश्विक तेल बाजार की स्थिति और आर्थिक चर के साथ वाशिंगटन के सपने का विरोधाभास

  • मेजर जनरल अब्दुल्लाही: अमेरिकियों ने 80 वर्षों से ईरान से केवल 'नहीं' सुना है

  • सीनेटर मर्फी: ट्रंप खतरनाक तरीके से भ्रमित हो गए हैं

  • ईरान के खिलाफ अमेरिकी युद्ध; अमेरिकियों के लिए इसके स्पष्ट और छिपे हुए परिणाम

  • ईरान के खिलाफ अमेरिकी आर्थिक युद्ध के लिए कनाडा के समर्थन पर बक़ाई की प्रतिक्रिया

  • ईरानी नौसैनिक युद्ध के समीकरण बदल रहे हैं: "क़ासिम बसीर" मिसाइल और अमेरिकी विमानवाहक पोतों के लिए नया ख़तरा

Pars Today

© 2026 PARS TODAY. All Rights Reserved.

समाचार
    विश्व
    पश्चिमी एशिया
    ईरान
    धर्म
    पार्स पीडिया
    डिस-इन्फ़ो
Pars Today
    हमारे बारे में
    हमसे संपर्क करें
    आरएसएस