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रईसी के सत्ता में आ जाने के बाद परमाणु समझौता आसान हो गया या असंभव?
Jun २३, २०२१ २०:१२ब्रिटेन के अख़बार गार्डियन ने सैयद इब्राहीम रईसी के ईरान के राष्ट्रपति चुने जाने के बारे में एक लेख प्रकाशित किया है जिसमें इस बात का जायज़ा लिया गया है कि सत्ता में आने वाली इस तब्दीली के बाद ईरान के साथ परमाणु समझौता आसान हो गया है या असंभव?
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हमास के नेता यहया सिनवार ने कहा फिर शुरू कर देंगे जंग, बेनेत की धमकी गज़्ज़ा में उतारेंगे ज़मीनी फ़ौज, तो पहला मिसाइल कौन फ़ायर करेगा?
Jun २२, २०२१ २०:२९हम तो यह समझ रहे थे कि हालिया ग़ज़्ज़ा जंग पिछली जंगों से अलग होगी यानी इस बार का संघर्ष विराम कुछ समय तक चलेगा और कोई राजनैतिक समझौता हो सकेगा जिसके नतीजे में ग़ज़्ज़ा पट्टी का परिवेष्टन ख़त्म होगा और वहां पुनरनिर्माण का काम शुरू हो जाएगा। लेकिन इस समय मिलने वाले सारे इशारे यह बता रहे हैं कि जंग किसी भी समय फिर शुरू हो सकती है।
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अमरीका ने अचानक सऊदी अरब और जार्डन सहित कई देशों को दिया ज़ोरदार झटका! इस समय क्यों? विकल्प क्या हैं?
Jun २१, २०२१ २०:३१अचानक और वह भी उस समय जब ईरान और उसके घटकों की मिसाइल ताक़त पश्चिमी एशिया में बहुत तेज़ गति से विस्तृत होती जा रही है, वाल स्ट्रीट जरनल ने अपनी रिपोर्ट में बड़ा ख़ुलासा किया कि पेंटागोन ने मध्यपूर्व के इलाक़े विशेष रूप से सऊदी अरब, इराक़, जार्डन और कुवैत में जून महीने से मिसाइल ढाल सिस्टमों की संख्या घटाने का फ़ैसला किया है।
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इब्राहीम रईसी की जीत से अगर इस्राईल सहमा हुआ है तो हमारे विचार में यह बिल्कुल सही है। बड़े फ़ौलादी इरादे के साथ अब आगे बढ़ेगा ईरान। क्या होगा परमाणु वार्ता का भविष्य?
Jun २१, २०२१ १९:४८सैयद इब्राहीम रईसी ईरान के राष्ट्रपति चुने गए तो इसका मतलब यह है कि अब ईरान में ताक़तवर इंक़ेलाबी सरकार बनने जा रही है। इमाम ख़ुमैनी के स्वर्गवास के बाद यह पहला अवसर है जब संसद, सरकार और न्यायपालिका तीनों विभाग सिद्धांतवादी कहे जाने वाले नेताओं के हाथ में आ गए हैं।
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क़ुद्स का फ़्लैग मार्च इस्राईल में बेनेत की सरकार की पहली कड़ी परीक्षा, नेतनयाहू ने किस चालाकी से बिछा दिया यह जाल? क्या फिर शुरू हो जाएगी जंग?
Jun १५, २०२१ १९:५२चरमपंथी यहूदी मंगलवार को जो फ़्लैग मार्च क़ुद्स में निकाल रहे हैं वह इस्राईल की नवगठित नफ़ताली बेनेत सरकार के लिए पहली कड़ी परीक्षा साबित हो सकता है जिसे इस्राईली संसद से अभी दो दिन पहले विश्वास मत हासिल हुआ है। कारण यह है कि इस फ़्लैग मार्च के नतीजे में क़ुद्स में अरबों और मुसलमानों से यहूदियों की भीषण झड़पें शुरू हो सकती हैं।
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सैयद हसन नसरुल्लाह ने कैसे इस्राईलियों के अरमानों पर फेर दिया पानी? हमें क्यों यक़ीन है कि मस्जिदुल अक़सा में नमाज़ पढ़ने का उनका सपना जल्द होगा साकार?
Jun ०९, २०२१ १८:५२हिज़्बुल्लाह के प्रमुख सैयद हसन नसरुल्लाह ने इस्राईल के सामरिक और राजनैतिक नेतृत्व में बहुत सारे लोगों के अरमानों पर बुरी तरह पानी फेर दिया जो उनकी बीमारी की अफ़वाहों से बड़ी उम्मीदें लगा बैठे थे और सैयद हसन नसरुल्लाह के उत्तराधिकारी के बारे में बातें कर रहे थे।
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ग़ज़्ज़ा युद्ध के बाद साफ़ झलकने लगी हमास की हनक, यहया सिनवार की एक धमकी पर इस्राईल ने रद्द किया विवादित कार्यक्रम! अब यक़ीन हुआ कि फ़िलिस्तीन में समुद्र किनारे बना लूंगा अपना घर!
Jun ०८, २०२१ १८:०४इस्राईल इस समय जिस भय और हीनभावना के दौर से गुज़र रहा है वह उसके लिए अपूर्व है। उसे एक तरफ़ हमास आंदोलन के भीषण मनोवैज्ञानिक हमलों का सामना है जिसने हालिया गज़्ज़ा युद्ध में अपनी मिसाइल शक्ति का लोहा मनवा लिया और दूसरी तरफ़ क़ुद्स शहर विशेष रूप से पूर्वी क़ुद्स पर इस्राईल की पकड़ धीरे धीरे कमज़ोर पड़ती जा रही है।
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क़ानूनी फ़ैक्ट्री जहां देशद्रोहियों की पैदावार होती है!
Jun ०८, २०२१ १६:३५वह जो किसी ने कहा था कि बदतरीन क़ानून भी बेहतरीन नीयत से बनाए जाते हैं। इसका एहसास क़दम क़दम पर होता है। सरकार भले ही लोकतांत्रिक हो या फ़ासीवादी अथवा तानाशाही जब भी कोई दंडात्मक कार्यवाही की जाती है तो एक जुमला ज़रूर कहा जाता है " यह क़ानून जनता की रक्षा के लिए बनाया गया है।" और फिर यही क़ानून हर गधे घोड़े को क़तार में रखने के काम आता है। बस उन्हीं पर लागू नहीं होता जिन्हें कुचलने का दावा किया जाता है।
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ईरान के ख़िलाफ़ उत्तेजक कार्यवाहियां करके अपने राजनैतिक कैरियर को तूल देना चाहते हैं नेतनयाहू? ईरान ने बदला लेने की क्या रणनीति बनाई है?
Jun ०७, २०२१ २०:४६पर्यवेक्षकों के बीच इस बात पर सहमति है कि इस्राईली प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू आसानी से सत्ता नहीं छोड़ेंगे। नेतनयाहू अपने विरोधियों नफ़ताली बेनेट और याईर लबीद को सत्ता से दूर रखने के लिए ईरान के साथ कोई बड़ा टकराव शुरू कर देने की कोशिश में ज़रूर व्यस्त हैं ताकि इस टकराव के नतीजे में हालात उथल पुथल हो जाएं और विरोधियों को गद्दी पर विराजमान होने का मौक़ा न मिले।
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ममता बनर्जी, भारत की वह नेता जिन्हें पाकिस्तान में भी लोग आदर्श मानते हैं और दुनिया में भी अपनी ख़ास पहिचान रखती हैं
Jun ०३, २०२१ २०:५१ममता बनर्जी ने तीसरी बार पश्चिमी बंगाल की मुख्यमंत्री बन कर रिकार्ड क़ायम कर दिया। ममता बनर्जी भारत की सबसे अधिक शक्तिशाली और दुनिया की सबसे अधिक प्रभावशाली 100 महिलाओं में से एक हैं।