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ईदे कुर्बान क्यों और किस की याद में मनाई जाती है, इससे हमें क्या सीख मिलती है?
Jul ०९, २०२२ ११:१२आज ज़िलहिज्जा महीने की 10 तारीख है। हाजी हज संस्कार के अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुके हैं।
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एक ऐसा दिन जब तौबा के सारे रास्ते खुले होते हैं, अरफ़ा को क्यों कहा जाता है अरफ़ा?
Jul ०९, २०२२ ०९:४७दोस्तो अरफ़ा का दिन एक ऐसा पवित्र दिन है कि जिस दिन हम एक ऐसी मन को सुकून देने वाली दुआ पढ़ते हैं कि जिस दुआ को इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने अरफ़ात के मरुस्थल में पढ़ी थी।
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रहबरे इंक़ेलाब आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई का पैग़ामे हज
Jul ०८, २०२२ ०७:५१रहबरे इंक़ेलाब आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई ने अपने पैग़ामे हज में हज के गहरे पहलुओं की तरफ़ इशारा करते हुए इस्लामी जगत के सामने मौजूद चुनौतियों और दुश्मन की चालों को रेखांकित किया है।
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10 लाख हाजियों का सऊदी अरब में जमावड़ा, हर ओर से आ रही है केवल एक ही आवाज़ “लब्बैक, अल्लाहुम्मा लब्बैक”
Jul ०७, २०२२ ११:२८सऊदी अरब में इस वर्ष कोरोना महामारी के बाद हज के लिए दुनिया भर से 10 लाख लोग पहुंचे हैं। इस समय लाखों की संख्या में तीर्थ यात्री मिना के मैदान की ओर रवाना हो गए हैं जहां रुक कर वे ईश्वर से प्रार्थना अर्चना करेंगे।
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हज केवल एक इबादत नहीं बल्कि एकता और एकजुटता का प्रतीक है
Jul ०७, २०२२ ०९:५८पवित्र हज के संस्कारों को आज हज़रत इब्राहीम के हज के तौर पर जाना जाता है, यह केवल एक इबादत नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया के मुसलमानों के बीच एकता और एकजुटता के लिए किए जाने वाले प्रयासों का अभ्यास है।
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मदीना की फ़ज़ा, मक्के की रूहानियत, हाजियों की आध्यात्मिक परवाज़ पर दिलनशीं रिपोर्ट
Jun ३०, २०२२ ०८:३७ख़ुदा की बारगाह की तरफ़ सफ़र शुरू हो गया है। अब सारे हाजियों के लेबास एक जैसे हो गए हैं। एक टुकड़ा कमर पर और एक टुकड़ा कांधे पर। हाजी मस्जिदे शजरा की तरफ़ जा रहे हैं मगर दिल मदीना की जुदाई पर ग़मगीन है.....मीक़ात पर पहुंचने के बाद हाजी अपनी निजता को भुला देते हैं और हाजियों का पूरा समूह एक अस्तित्व में विलीन हो जाता है।
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वीडियो रिपोर्टः सऊदी अरब पहुंचे ईरानी हाजियों के क़ाफ़िले ने दुआए कुमैल पढ़कर पूरा वातारण किया आध्यात्मिक
Jun २४, २०२२ १४:३०मुसलमानों के सबसे बड़े धार्मिक संस्कार हज के लिए सऊदी अरब पहुंचे ईरानी तीर्थयात्रियों के एक जत्थे ने पवित्र नगर मदीने में गुरुवार की रात एकत्रित होकर दुआए कुमैल पढ़ा कि जिसने पूरा वातावरण आध्यात्मिक कर दिया ... एक युआ तीर्थ यात्री का कहना है कि इंशाल्लाह अल्लाह हमे अच्छे रास्ते पर चलने का सामर्थ प्रदान करे ... एक युवा महिला का कहना है कि हम अल्लाह के बंदे हैं केवल वही है जो हमारी सुनता है। दुआए कुमैल जैसी आध्यात्मिक दुआओं को पैग़म्बरे इस्लाम ...
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हज, अल्लाह के सामने मुसलमानों के नतमस्तक होने का नमूना है
Jun २१, २०२२ ०५:५९हज, अल्लाह के सामने मुसलमानों के नतमस्तक होने का नमूना है