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यह कहां से कहां आ गए, अरब संघ की निष्क्रियता ने पूरे अरब समाज को किया शर्मसार!
Aug १७, २०२० १४:३२इतिहास के शर्मनाक समझौतों में से एक इस्राईल और मिस्र के बीच होने वाला कैम्प डेविड समझौता, जिसके बाद अरब संघ ने मिस्र को संघ से निकाल दिया था और इस संघ का मुख्यालय क़ाहिरा से ट्यूनीशिया स्थानांतरित कर दिया गया। लेकिन दूसरी ओर कुछ ही दिन पहले संयुक्त अरब इमारात और इस्राईल के बीच हुए वैसे ही समझौते पर अरब संघ केवल न पूरी तरह चुप्पी साधे हुए है बल्कि इस संघ की बैठक में इस विषय पर किसी भी तरह की कोई बात तक नहीं हुई।
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अमेरिका की उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस कौन हैं? भारतीय-अमेरिकी मूल के नागरिकों में कमला का कितना है प्रभाव?
Aug १७, २०२० १०:५९अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के बहुत से अमेरिकी कमला हैरिस को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने को एक बड़े बदलाव के तौर पर देखते हैं। भारत का मीडिया भी कमला हैरिस को भारतीय मूल की साबित करने में अपनी पूरी ताक़त लगाए हुए है, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या वह भारतीय-अमेरिकी समुदाय को डेमोक्रेट्स की बाइडेन-हैरिस जोड़ी के पक्ष में कर पाएंगी?
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सुरक्षा परिषद में अमरीकी प्रस्ताव की नाकामी ट्रम्प प्रशासन के मुंह पर ईरान का तमाचा ही नहीं इलाक़े में बहुत बड़े बदलाव की शुरुआत भी है!
Aug १७, २०२० ०३:०५अमरीका के लिए गत शुक्रवार की घटना सुरक्षा परिषद के पूरे इतिहास में एक यादगार घटना के रूप में याद रखी जाएगी। सुपर पावर होने का दावा करने वाले अमरीका के प्रस्ताव को केवल डोमिनिकन गणराज्य का समर्थन मिला जबकि अमरीका के यूरोपीय घटकों ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन करने से इंकार कर दिया।
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बहुत खास है हिज़्बुल्लाह का लेबनान? हिज़्बुल्लाह की खामोशी का राज़ क्या है? रूसी न्यूज़ एजेन्सी ने बताया... पहला भाग
Aug १६, २०२० १७:२३रूसी न्यूज़ एजेन्सी स्पूतनिक की परशियन सेवा की वेबसाइट पर लेबनान पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित हुई है जिसके कुछ भाग हम यहां पेश कर रहे हैं।
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सुरक्षा परिषद में अमरीका की किरकिरी के अहम कारण
Aug १६, २०२० १५:१९ईरान के ख़िलाफ़ अपनी कोशिशों के नाकाम रहने के बारे में अमरीका को कुछ हफ़्ते पहले ही पता चल गया था इसी लिए उसने अपने प्रस्ताव के मसौदे को कुछ संतुलित करने के अलावा ईरान पर अधिकतम दबाव की नीति के ज़िम्मेदार ब्रायन हुक को भी पदमुक्त कर दिया था।
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ग़द्दारी का समझौता और सुरक्षा के क्षेत्र में उसके परिणाम
Aug १६, २०२० १३:२२संयुक्त अरब इमारात ने ज़ायोनी शासन के साथ कूटनैतिक संबंध स्थापित करने का जो ग़द्दारी वाला समझौता किया है, सुरक्षा के क्षेत्र में उसके अनेक परिणाम सामने आएंगे।
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ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगवाने में नाकामी से झल्लाए ट्रम्प क्या अब सुरक्षा परिषद का ही बहिष्कार कर देंगे?
Aug १६, २०२० ११:२७ईरान के ख़िलाफ़ हथियारों के प्रतिबंध की समय सीमा में विस्तार के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद में अमरीका द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव की एक ही बैठक में और बिना वीटो के ही बुरी तरह से विफलता ने यह दिखा दिया है कि अमरीका को अपनी नीतियों पर पुनर्विचार की ज़रूरत है।
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सैयद हसन नसरुल्लाह के भाषण के तीन बेहद महत्वपूर्ण प्वाइंट, हिज़्बुल्लाह प्रमुख ने समर्थकों से क्यों कहा कि अपना आक्रोश संभाल कर रखें बाद में काम आएगा?
Aug १६, २०२० ०५:२५हिज़्बुल्लाह के प्रमुख सैयद हसन नसरुल्लाह ने शुक्रवार की शाम जो भाषण दिया वह बहुत महत्वपूर्ण था। वैसे उनके सारे ही भाषण हद से ज़्यादा महत्वपूर्ण होते हैं। मगर इस भाषण में तीन बिंदु एसे थे जिन पर ठहरकर सोचना ज़रूरी है क्योंकि इसमें भविष्य की घटनाओं के इशारे मौजूद हैं।
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इस्राईल के साथ डील करके यूएई को क्या मिला? यूएई से पहले इस तरह की डील करने वालों कों क्या दिया इस्राईल ने? फिलिस्तीन मूल के प्रसिद्ध पत्रकार का विचारयोग्य लेख
Aug १५, २०२० १७:२७इस्राईल और यूएई की बीच अमरीका की निगरानी में संबंधों को सामान्य बनाने की जो डील हुई है वह अतीत के सभी इस प्रकार के समझौतों की तरह एक गद्दारी है जो पहले मिस्र और जार्डन ने की थी।
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भारत की नई शिक्षा नीति, कमज़ोर बुनियाद पर बनने वाली नई इमारत, बदलते नामों में विकास की तलाश
Aug १५, २०२० १६:००भारत में पॉलिटेक्निक और आईटीआई दशकों से चल रहे है, उनका हश्र आज किसी से छिपा नहीं है। बुनियादी तैयारी के बिना नई शिक्षा नीति की हालत भी ऐसी ही हो सकती है जैसे कमज़ोर बुनियाद पर एक लंबी इमारत का निर्माण कि जिसके वजूद पर हमेशा ख़तरा मंडराता रहे।