-
सीरिया के हसका इलाक़े में क्या हो रहा है? अमरीकी सैनिकों ने तेल के कुओं की पहरेदारी के लिए एजेंटों की भर्ती क्यों शुरू कर दी? क्या बुरे अंजाम से बचेंगे यह एजेंट?
Apr १८, २०२० ०४:२३इस समय सीरियाई प्रशासन अपनी पूरी ताक़त से कोरोना वायरस की महामारी को कंट्रोल करने में लगा हुआ है तो अमरीका और उसके घटक सीरियाई सरकार के ख़िलाफ़ साज़िशें रचने और फ़ुरात नदी के पूर्वी इलाक़ों में सीरिया के तेल के कुओं पर क़ब्ज़ा करने और इन कुओं से निकलने वाले तेल की स्मगलिंग की प्रक्रिया आसान बनाने की कोशिश में व्यस्त हैं।
-
हिज़्बुल्लाह के कमांडरों की हत्या करने के लिए इस्राईल ने किया ड्रोन हमला, कैसे बच निकले यह कमांडर, क्या था उनका ख़ुफ़िया मिशन?
Apr १७, २०२० ०४:४७सीरिया और लेबनान की सीमा के निकट हिज़्बुल्लाह के 4 फ़ील्ड कमांडरों की गाड़ी पर ड्रोन विमान से राकेट हमला करके इस्राईल ने उन्हें क़त्ल करने की कोशिश की जो नाकाम रही, इसका मतलब यह है कि इस्राईल इस समय जब कोरोना वायरस की रोकथाम की कोशिशों में लगा हुआ है तब भी उसका ध्यान सबसे बड़े ख़तरे यानी हिज़्बुल्लाह की ओर केन्द्रित है।
-
क्यों कोरोना दुनिया के लिए एतिहासिक मोड़ है? क्या कोरोना के बाद बंट जाएगी दुनिया, ब्रिटिश दार्शनिक की राय
Apr १६, २०२० १५:४४ब्रिटेन के दार्शनिक जॅान गेरी ने “ न्यू स्टेटस मैन “ पत्रिका में अपने एक लेख में लिखा है कि वीरान सडकें फिर से आबाद हो जाएंगी लेकिन संभावित रूप से दुनिया जैसा हम पहले सोचते थे वैसी नहीं रहेगी।
-
कोरोना वायरस सऊदी अरब के सपनों का कर रहा है क़त्लेआम, इस्लामी जगत में डावांडोल हो चुकी है पुरानी पोज़ीशनः फ़ारेन अफ़ेयर्ज़
Apr १६, २०२० १५:१८अमरीकी मैगज़ीन फ़ारेन अफ़ेयर्ज़ ने अपने लेख में जायज़ा लिया है कि इस्लामी जगत में सऊदी अरब की स्थिति लगातार कमज़ोर हो रही है जबकि दूसरी ओर रियाज़ सरकार ने कोरोना वायरस का प्रसार रोकने के लिए लाक डाउन का जो ज़रूरी फ़ैसला किया है राजनैतिक और आर्थिक दोनों क्षेत्रों में उसे इसकी भारी क़ीमत चुकानी पड़ सकती है।
-
डब्ल्यूएचओ की फ़ंडिंग रोकने पर क्यों ज़रूरी है कि ट्रम्प को युद्ध अपराधी माना जाए? हम क्यों कर रहे हैं अलबरादेई के प्रस्ताव का समर्थन मगर कुछ संदेह के साथ?
Apr १६, २०२० ०६:३४यह बात तो बिल्कुल सामने की है कि कोरोना महामारी से पैदा होने वाले संकट से निपटने के लिए चीन ने जो तरीक़ा अपनाया उससे अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प नफ़रत करते हैं लेकिन वह अपने आक्रोश और नफ़रत में डब्ल्यूएचओ को दी जानी वाली सहायता रोक दें जिसने विश्व स्तर पर मानवता की सराहनीय सेवा की है तो इससे ट्रम्प की नस्लपरस्ती, तुच्छता और अमरीकी व्यवस्था से हटकर हासिल होने वाली हर सफलता से उनकी जलन ज़ाहिर होती है।
-
यमन युद्ध के दौरान ब्रिटेन ने सऊदी अरब से कमाए 15 अरब पाउंड, क्या मौत की सौदागार नहीं है लंदन सरकार!
Apr १५, २०२० १३:४८ब्रिटेन की बीएई सिस्टम्ज़ कंपनी ने जो युद्धक विमान और अन्य रक्षा उपकरण बनाती है सऊदी अरब को यमन युद्ध के दौरान कुल 15 अरब पाउंड के हथियार बेचे हैं।
-
कोरोना वायरस के सामने अमेरिका ने क्यों टेक दिए घुटने? कोरोना वायरस के बाद अमेरिका के बहुत सारे ख़्वाब टूट जाएंगे!
Apr १५, २०२० १३:३५ओबामा ने व्हाइट हाउस छोड़ने से पहले ट्रम्प के साथ मिलकर एक काल्पनिक महामारी के ख़िलाफ़ अभ्यास किया था और पूरी रणनीति उनके हवाले कर दिया था। लेकिन ट्रम्प ने सत्ता संभालते ही उसे दरकिनार कर दिया और उस विभाग को ही ख़त्म कर दिया।
-
दुनिया के सामने कोरोना वायरस से भी ज़्यादा ख़तरनाक चुनौतियां, दुनिया में नफ़रत का व्यापार करने वाले किस बात से हैं ख़ुश?
Apr १५, २०२० ११:५१यह जो संकट होते हैं, यह किसी न किसी अवसर को ज़रूर जन्म देते हैं और कोरोना जैसे अनोखे संकट उतने ही अभूतपूर्व अवसरों को जन्म देते हैं। दुनिया के फासीवादी, तानाशाह और ऐसे महत्वकांक्षी लोग जिनके दिलों में फासीवादी बनने की इच्छा होती है, वे ऐसे गंभीर संकटों में न केवल अपने षड्यंत्रकारी कार्यों को जारी रखते हैं बल्कि इन संकटों को अपने लिए अवसर मानते हुए कृत्यों में और तेज़ी ले आते हैं। क्योंकि वे लोग समझते हैं कि दुनिया संकट में उलझी हुई है इसलिए वे कुछ भी करेंगे उसपर कोई भी प्रतिक्रिया नहीं आएगी।
-
महिला नेताओं ने कोरोना वायरस का ज़्यादा प्रभावी और ज़िम्मेदाराना मुक़ाबला किया लेकिन उनकी संख्या इतनी कम क्यों है?
Apr १५, २०२० ०५:३८ताइवान में कोरोना वायरस की महामारी पर अंकुश लगाने के लिए तत्काल प्रभावी क़दम उठाए गए और आज यह देश यूरोपीय संघ और अन्य देशों को दसियों लाख की संख्या में मास्क निर्यात कर रहा है।
-
ट्रम्प के बुरे दिन, आर्थिक जुनून ने बना दिया मसख़रा, सलाहकार भी कोसने लगे, हमारी तो नसीहत यह है कि चीनी राष्ट्रपति को अब ग्लोबल लीडर के रूप में देखिए!
Apr १४, २०२० ०४:३५अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प कोरोना वायरस के मुद्दे को लेकर लगभग रोज़ाना जो प्रेस कान्फ़्रेंस कर रहे हैं वह उनकी अज्ञानता, घमंड और अकड़ की नुमाइश का सरकस बनकर रह गई है।