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भारत और पाकिस्तान के बीच कैसे कम हो सकता है तनाव और कौन है जो इस आग में घी डाल रहा है?
Feb २८, २०१९ १७:२५14 फरवरी को भारत प्रशासित कश्मीर के पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के संबंधों में तनाव इस हद तक बढ़ चुका है कि अब बातचीत के माध्यम से सुलह की संभावना कम होती जा रही हैं और यह बात इस आधार पर कही जा सकती है क्योंकि दोनों देशों की ओर से जो क़दम उठाया गया है वह बिना सोचे-समझे, बल्कि यह कहा जा सकता है कि दोनों देशों की बागड़ोर जिनके हाथों में है वे केवल राजनीतिक लाभ के बारे में ही सोच रहे हैं।
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भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया हवाई संघर्ष अगर युद्ध में बदलता है तो पलड़ा किसका रहेगा भारी? रूसी कर्नल का विश्लेषण
Feb २८, २०१९ १२:३०पाकिस्तान द्वारा भारत के जेट फ़ाइटर को गिराए जाने और पायलट को ज़िंदा पकड़ लेने के बाद, दुनिया के दो कट्टर प्रतिद्वंद्वियों के बीच हवाई संघर्ष बढ़ने की संभावना थी, लेकिन भारत ने एक दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की, जिससे ऐसा लग रहा है कि यह संघर्ष यहीं थम गया है।
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पाकिस्तानी सेना मोदी के चुनाव जीतने की दुआ क्यों मांग रही है?
Feb २७, २०१९ १७:२८इस समय भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसी स्थिति है और दोनों देशों की जनता के चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ़ दिखाई दे रही हैं। इसलिए कहा जाता है न, कि जिस युद्ध में बादशाह की जान को ख़तरा न हो उसको जंग नहीं राजनीति कहते हैं।
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मौत की राजनीति, आख़िर ऊंट किस करवट बैठेगा?
Feb २६, २०१९ १३:०३14 फ़रवरी को भारत प्रशासित कश्मीर के पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले में मारे गए सीआरपीएफ़ के जवानों को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने राजनीतिक शिकार क़रार दिया था। इस बीच भारत ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तान नियंत्रित कश्मीर में मौजूद आतंकियों के ठिकानों पर बम बरसाए हैं।
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मिस्र के शहर शरमुश्शैख़ में यूरोप और अरब जगत का शिखर सम्मेलन, अरब नेता बस दर्शक बने रहे! दुनिया बदल रही है मगर अरब देश शुतुरमुर्ग की तरह रेत में सिर छिपाने पर अड़े हैं!
Feb २५, २०१९ १७:१८मिस्र के सुंदर शहर शरमुश्शैख़ में शिखर सम्मेलन का आयोजन हुआ जहां सऊदी अरब, इराक़, कुवैत, ट्यूनीशिया, फ़िलिस्तीन, बहरैन, सूमालिया, जिबूती और लीबिया तथा मेज़बान मिस्र के नेताओं ने भाग लिया। लेबनान और मोरक्को ने अपने प्रधानमंत्रियों को इस सम्मेलन में भेजा, कुछ देशों ने अपने विदेश मंत्री और संसद सभापति भेजे, क़तर ने तो केवल अपने राजदूत को भेजा दिया।
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कितना सफल रहा बिन सलमान का एशियाई देशों का दौरा? बिन सलमान ने अपने भाई को उप रक्षा मंत्री और रीमा को राजदूत क्यों बनाया?
Feb २५, २०१९ १३:४६सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान एशियाई देशों, पाकिस्तान, भारत और चीन के दौरे करके वापस अपने देश पहुंच गए।
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वेनेज़ोएला के बारे में पोम्पेयो के बयान किसकी याद दिलाते हैं? क्या सीरिया वाला हंगामा हमें लैटिन अमेरिका में भी देखना पड़ेगा? हम एक बार फिर अमरीका की पराजय का दृष्य देखेंगे!
Feb २५, २०१९ १२:३३आजकल कोलंबिया के राष्ट्रपति इवान डोकी बड़ी ख़ुशी मना रहे हैं कि वेनेज़ोएला की सेना के 60 जवान सेना से अलग होकर अमरीका और यूरोप द्वारा समर्थित विद्रोहियों में शामिल हो गए हैं।
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क्या गंभीर टकराव की ओर बढ़ रहे हैं अमरीका और रूस? हथियारों की होड़ कहां तक आगे जा सकती है?
Feb २१, २०१९ १७:०५इस समय अमरीका और रूस के बीच शब्दिक युद्ध तेज़ हो गया है और दोनों ही देश जिस दिशा में आगे जा रहे हैं उससे टकराव की आशंका बढ़ी है।
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नेतनयाहू ने क्यों रद्द कर दी मास्को यात्रा? क्या ज़ायोनी प्रधानमंत्री को ख़ाली हाथ लौटने का था डर? एस-300 से उड़ी हुई है ज़ायोनियों की नींद!
Feb २१, २०१९ १४:३४इस्राईली मीडिया में व्यापक पैमाने पर आने वाली यह ख़बरें कि प्रधानमंत्री नेतनयाहू ने मास्को की यात्रा स्थगित कर दी है तो इसका मतलब साफ़ है कि बिनयामिन नेतनयाहू को भनक लग गई थी कि मास्को से उन्हें ख़ाली हाथ लौटना पड़ेगा।
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पैदा होने से पहले ही मौत के क़रीब पहुंच गया "अरब नैटो" वार्सा सम्मेलन से हुई पतन की शुरुआत, पांच ठोस तर्कों से समझिए असली हालात!
Feb २१, २०१९ १२:१७हमें अमरीकी अख़बार वाल स्ट्रीट जनरल की इस रिपोर्ट से पहले भी असली स्थिति मालूम थी कि सुन्नी अरब देशों सऊदी अरब, इमारात, क़तर, बहरैन, ओमान, कुवैत, जार्डन और मिस्र को शामिल करके "अरब नैटो" की स्थापना करने का अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प का एजेंडा आईसीयू में पहुंच चुका है क्योंकि पिछले सप्ताह वार्सा में होने वाले सम्मेलन में इस एजेंडे को ज़ोरदार झटका लगा जहां अरब इस्राईल दोस्ती को मज़बूत करने की कोशिश की जा रही थी ताकि ज़ायोनी प्रधानमंत्री नेतनयाहू इस एलायंस का नेतृत्व संभालें।