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ईरान, रूस व चीन का गठबंधन बाइडन के लिए सब से बड़ी चुनौती, दस बरस में शुरु हो जाएगा अमरीका का बिखराव, ईरान कैसे बना इतना ताकतवर ? रायुलयौम का जायज़ा
Dec १६, २०२० ११:४४लंदन से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र रायुल यौम के संपादकीय में अमरीका के साथ अगली किसी वार्ता में ईरान की पोज़ीशन का जायज़ा लिया गया है जो रोचक है।
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जद्दा बंदरगाह पर हमले में सऊदी अरब और क़तर के लिए ईरान का क्या संदेश है? ईरान के घटक, कहां हमला करके पूरी दुनिया को चौंका सकते हैं?
Dec १५, २०२० १५:३९लंदन से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र रायुलयौम में इस के मुख्य संपादक और अरब जगत के प्रसिद्ध पत्रकार अब्दुलबारी अतवान ने मध्य पूर्व के हालात और युद्ध की आशंकाओं का जायज़ा लिया है।
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कुख्यात आतंकी के समर्थन में आए यूरोपीय देशों को ईरान की ज़बरदस्त फटकार, जानें कैसे और कहां आतंकवाद का इस्तेमाल करता है यूरोप!
Dec १४, २०२० १५:४१हाल ही में ईरान में एक ख़तरनाक अपराधी रूहुल्लाह ज़म, जो जासूसी सहित अनेक ख़तरनाक गतिविधियों में लिप्त था, उसको फांसी दे दी गई है। लेकिन उसकी फांसी की सज़ा पर फिर एक बार कथित तौर पर मानवाधिकार की रक्षा के बात करने वाले यूरोपीय देश सामने आ गए हैं। यह वही देश हैं जो दुनिया भर में खुले आम होते मानवाधिकार के उल्लंघन के मुख्य ज़िम्मेदार हैं। यूरोपीय देश एक ख़तरनाक अपराधी को अब पत्रकार बता कर उसका समर्थन कर रहे हैं। अब सवाल यही है कि एक ऐसा अपराधी जो बम बनाने से लेकर देश में विद्रोह का आरोपी हो और जिस
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ज़ारिया शहर में हुए नरसंहार की पांचवी वर्षगांठ, नाइजीरिया के शिया मुसलमान किस स्थिति में हैं?
Dec १४, २०२० १२:५४जब से आयतुल्लाह शेख़ ज़कज़की को जेल में क़ैद किया गया है तब से शेख़ याक़ूब पर नाइजीरिया के शिया मुसलमानों के नेतृत्व ज़िम्मेदारी है। वहीं वहाबियत कि जिसको सऊदी अरब का व्यापक समर्थन प्राप्त है वह नाइजीरिया में लगातार पैर पसार रही है, लेकिन शिया मुसलमानों के मज़बूत इरादों और विश्वास के आगे उसे लगातार पराजय मिल रही है।
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ओटोमन साम्राज्य का सपना, अर्दोगान का प्लान क्या है? जाने सच्चाई
Dec १३, २०२० १५:०५तुर्की के राष्ट्रपति अपनी विदेशी सैन्य कार्यवाहियों के नशे में चूर, अन्य देशों के मामलों में टांग फंसाने में व्यस्त हैं।
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चुनावी गणित का मतलब क़िस्मत सरकार को सौंप देना नहीं...किसानों की हुंकार में भारत सरकार के साथ ही विश्व नेताओं के लिए भी संदेश
Dec १२, २०२० १४:४३भारत में हज़ारों किसान 26 नवम्बर को पैदल और ट्रैक्टर-ट्राली पर पंजाब और हरियाणा से नई दिल्ली की ओर रवाना हो गए और सारी रुकावटों से गुज़रते हुए नई दिल्ली पहुंच गए और राजधानी का घेराव कर लिया। अब इस प्रदर्शन में बहुत सारे सेक्टर शामिल हो गए हैं। 31 से अधिक ट्रेड युनियनों ने प्रदर्शनों का समर्थन किया है।
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3000 झूठ के बीच ट्रम्प की एक मात्र सच्ची बात... ईरान के खिलाफ युद्ध कहां किया जाएगा? अब्दुल बारी अतवान का जायज़ा
Dec १२, २०२० १२:४९लंदन से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र रायुलयौम में अरब जगत के प्रसिद्ध पत्रकार अब्दुलबारी अतवान का एक लेख प्रकाशित हुआ है जो अरब जगत और इस्राईल के संबंधों और ईरान के प्रति उनकी दुश्मनी के कई पहुलओं को उजागर करता है।
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ईरान की एटमी डील पर यूरोपीय देशों ने कितना अमल किया और कैसे धोखे दिए? व्यवहारिक रूप से देखा जाए तो यूरोप परमाणु समझौते से निकल चुका है!
Dec १०, २०२० १७:०२हालांकि अमरीका की ट्रम्प सरकार ने परमाणु समझौते का पालन नहीं किया और इस डील से वह निकल गई लेकिन ईरान की जनता को यह तर्कसंगत अपेक्षा थी कि यूरोपीय सरकारें परमाणु समझौते के तहत अपने वादों पर अमल करने के साथ ही इससे एक पक्षीय रूप से अमरीका के निकल जाने से होने वाले नुक़सान की भरपाई भी करतीं। मगर अच्छा ख़ासा वक़्त गुज़र जाने के बाद भी यह नहीं हो पाया।
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जाते जाते अपने वफ़ादारों को कई कई साल के लिए महत्वपूर्ण पदों पर बिठा रहे हैं ट्रम्प, मगर ट्रम्प ख़ुद कहां जाएंगे, भतीजी का कहना है जेल!
Dec १०, २०२० १३:०८ट्रम्प के सत्ताकाल के अन्तिम दिनों के बारे में न्यूयार्क टाइम्स लिखता है कि ट्रम्प की सत्ता का अन्तिम समय किसी ड्रामे से कम नहीं दिखाई दे रहा है क्याोंकि ट्रम्म किस समय क्या कर बैठें इसका अनुमान किसी को भी नहीं है।
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इस्राईल से दोस्ती की चाहत के बावजूद, सऊदी अरब हिचकिचाहट का शिकार क्यों है?
Dec १०, २०२० १२:०३हालिया कुछ दिनों से ऐसी अफ़वाहें गर्दिश कर रही थीं कि सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और सूडान के नक़्शेक़दम पर चलते हुए इस्राईल के साथ संबंधों को सामान्य बनाने का समझौता कर लेगा। लेकिन पिछले हफ़्ते इन अटकलों को उस वक़्त विराम लग गया, जब एक वरिष्ठ सऊदी राजकुमार ने ज़ायोनी प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतनयाहू की सरकार को मध्य पूर्व में पश्चिमी उपनिवेशवादी शक्तियों का अंतिम रूप क़रार दिया।