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विजयी चाहे बाइडन हों या ट्रम्प, हार तो डॉलर की ही होगी...
Nov ०३, २०२० १८:१८पूंजीनिवेशकों और विशेषज्ञों का मानना है कि अमरीकी चुनाव में चाहे डोनल्ड ट्रम्प जीतें या जो बाइडन लेकिन काफ़ी समय से मंदी का शिकार डॉलर की हालत बेहतर होने की संभावना न के बराबर है।
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अब अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के बेनतीजा होने की अटकलें हुईं तेज़! अगर नहीं आया कोई परिणाम तो क्या होगा?
Nov ०३, २०२० १५:३९अमेरिका में डाक मतपत्रों की भारी संख्या और गहरे राजनीतिक मतभेदों को देखते हुए चुनाव का नतीजा आने में लंबा समय लग सकता है। इस खींचतान में क्या कुछ संभव है, चलिए जानते हैं।
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एशियाई देशों को चीन के ख़िलाफ़ एकजुट करने की कोशिश अमेरिकी कोशिश, वॉशिंग्टन पर भरोसा करना नई दिल्ली के लिए कितना सही कितना ग़लत?
Nov ०३, २०२० १३:२२अमेरिका में चुनावी सरगर्मियों के बावजूद इस देश के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो महीनों से एशिया दौरों पर जुटे हैं। इन यात्राओं का उद्देश्य चीन के ख़िलाफ़ मोर्चा बनाना था। पिछले दिनों उन्होंने वियतनाम सहित पांच एशियाई देशों का दौरा किया।
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कोरोना की दूसरी लहर से फिर बंद हुआ यूरोप, आर्थिक तबाही का ख़तरा बढ़ा...यह सवाल फिर क्यों उठा कि वायरस किसने बनाया? क्या दुनिया को चलाने वाली कोई ख़ुफ़िया व्यवस्था है?
Nov ०३, २०२० ०६:४८कोरोना वायरस की दूसरी लहर शुरू हो जाने और विश्व स्तर पर संक्रमितों और हताहत होने वालों की संख्या मे तेज़ी से हो रही वृद्धि के कारण समाजों में फिर असमंजस और भविष्य के बारे में निराशा की भावना बढ़ने लगी है।
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अमरीका में नरक के दरवाज़े खुल गये, ट्रम्प के समर्थकों के हाथों में 1 करोड़ 70 लाख हथियार, चुनाव के बाद होगी भारी तबाही...
Nov ०२, २०२० १७:२४ऐसा लगता है कि अमरीका में होने वाला परिवर्तन उसी तरफ़ जा रहा है जिसकी भविष्यवाणी अमरीकी लेखक टॉम्स फ़्रेडमैन ने की थी।
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आर्मीनिया ने रूस से मांग ली मदद मगर पुतीन को है कराबाख़ में हस्तक्षेप को लेकर संकोच...क्या वाक़ई आज़रबाइजान जंग जीत चुका है? क्या ईरान की सीमा के क़रीब पहुंच रहा है इस्राईल?
Nov ०२, २०२० १५:५७आर्मीनिया के प्रधानमंत्री निकोल बाशीनियान रूस से तत्काल मदद की मांग कर रहे हैं और उन्होंने अपना अपात संदेश रूसी रूष्ट्रपति व्लादमीर पुतीन को भेजा है तो इसका मतलब साफ़ है कि कराबाख़ के इलाक़े पर आज़रबाइजान के साथ जारी उनकी जंग निर्णयक चरण में पहुंच चुकी है जिसमें किसी भी समय बड़ी ताक़तों के कूद पड़ने की संभावना बढ़ गई है।
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चीन अब भारत को यह समझाने की भी कोशिश कर रहा है कि उसकी जवाबी कार्यवाही क्या हो और उसका स्तर कैसा रहे!
Nov ०२, २०२० ०६:५३चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े अख़बार ग्लोबल टाइम्ज़ ने अपने एक लेख में भारत और अमरीका के बीच हुए हालिया महत्वपूर्ण समझौते के संदर्भ में टिप्पणी करते हुए भारत को ऊंच नीच समझाने और यह सिखाने की कोशिश की है कि चीन के साथ जारी सीमा विवाद को लेकर भारत की जवाबी रणनीति क्या होनी चाहिए।
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अमरीका और राष्ट्रपति चुनाव में विदेशी हस्तक्षेप का बखेड़ा!
Nov ०१, २०२० १९:४१अमरीका के राष्ट्रपति चुनाव में सिर्फ़ दो दिन बचे हैं और इस चुनाव में ईरान, रूस व चीन के साइबर हस्तक्षेप की संभावना ने अमरीका में हंगामा मचा रखा है।
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इस्राईल से संबंध स्थापना के बाद क्या सऊदी और यूएई, क्षेत्र के समीकरण बदल पाएंगे?
Nov ०१, २०२० १८:२२सऊदी अरब और संयुक्त अरब इमारात पश्चिमी व इस्राईली बलों से गठजोड़ करके क्षेत्र में अपनी एक पोज़ीशन बनाने की कोशिश में हैं, लेकिन क्या वे इसमें कामयाब हो पाएंगे?
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बिहार के युवा मोदी से क्यों हैं नाराज़? तेजस्वी के आगे नीतीश का रंग क्यों पड़ता जा रहा है फीका? सटीक मुद्दों ने वादों को निकाली हवा!
Nov ०१, २०२० १३:३५243 सीटों वाली बिहार विधानसभा का पहले चरण का मतदान पूरा हो चुका है और अब दूसरे चरण के मतदान के लिए तैयारी पूरे ज़ोरो-शोर से जारी है। वैसे दूसरे चरण का चुनाव प्रचार का समय भी समाप्त हो गया है पर पार्टियां अब भी अपने-अपने दांव-पेंच लगाने में व्यस्त हैं। बिहार चुनाव में के बात जो साफ दिखाई दे रही है वह है धर्म के रंग पर भारी पड़ता रोज़गार और विकास। लेकिन इन सबके बीच एक और प्रमुख मुद्दा है जिसको लगभग सभी पार्टियों ने भुला दिया है।