जम्मू एयर फ़ोर्स स्टेशन पर ड्रोन हमला, कोई सामान्य घटना नहीं है
रविवार की सुबह जम्मू एयर फ़ोर्स स्टेशन के टेक्निकल एरिया में कम तीव्रता के दो धमाके हुए हैं। सैन्य सूत्रों का कहना है कि यह धमाके ड्रोन हमले के कारण हुए हैं।
भारतीय वायु सेना के प्रवक्ता के मुताबिक़, जम्मू एयर फ़ोर्स स्टेशन के टेक्निकल एरिया में कम तीव्रता के दो धमाके हुए हैं। एक धमाके के कारण एक इमारत की छत को नुक़सान पहुंचा है वहीं दूसरा धमाका खुली जगह में हुआ।
भारतीय सेना के इस्तेमाल वाले इस सैन्य एयरबेस में रविवार को तड़के क़रीब 1 बजकर 40 मिनट पर धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं।
अगर यह धमाके ड्रोन हमले के नतीजे में हुए हैं तो भारतीय सेना और सरकार के लिए यह नींद उड़ा देने वाली घटना होगी। क्योंकि इससे पहले इस विवादित इलाक़े में जितने भी चरमपंथी हमले हुए हैं, उनमें ड्रोन के इस्तेमाल की बात सुनने में नहीं आई है।
जम्मू-कश्मीर 1947 के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच विवादित क्षेत्र रहा है, वहीं हाल ही में लद्दाख़ सीमा पर भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ा है और दोनों देशों के बीच टकराव वाली स्थिति है।
भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस तनावपूर्ण स्थिति के दौरान, अपनी तीन दिवसीय यात्रा पर रविवार को लद्दाख़ के लेह इलाक़े का दौरा कर रहे हैं, जहां उन्होंने सैन्य अधिकारियों और स्थानीय जन प्रतिनिधियों से मुलाक़ात की है।
राजनाथ सिंह के साथ भारतीय सेना प्रमुख जनरल एम. एम. नरवणे भी हैं।
सीमा पर तनाव को कम करने के लिए दोनों देशों के बीच अब तक कई चरण की बातचीत हो चुकी है, लेकिन पिछले दिनों एक बार फिर दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के अधिकारियों की बयानबाज़ी से तनातनी की स्थिति उत्पन्न हो गई।
गुरुवार को भारत ने चीन पर सीमा के क़रीब बड़ी संख्या में सैनिकों का जमावड़े और पिछले साल एलएसी पर एकतरफ़ा तौर पर यथास्थिति को बदलने का आरोप लगाते हुए कहा था कि उसके इन प्रयासों से क्षेत्र में शांति की कोशिशों को झटका लगेगा।
चीन ने बहुत ही तल्ख़ लहजे में भारत पर पलटवार करते हुए कहा था कि सीमा पर उसकी सैन्य तैनाती एक सामान्य रक्षा व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य भारत द्वारा चीनी क्षेत्र पर अतिक्रमण और ख़तरे का मुक़ाबला करना है। msm