पेगासस जासूसी मामला, सुप्रीम कोर्ट का बयान, आरोप बेहद गंभीर...वीडियो रिपोर्ट
पेगासस कथित जासूसी मामले की स्वतंत्र जांच कराने का अनुरोध करने वाली 9 याचिकाओं पर भारतीय सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को एकसाथ सुनवाई हुई।
इन याचिकाओं में एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया और वरिष्ठ पत्रकारों एन. राम तथा शशि कुमार द्वारा दी गई अर्ज़ियां भी शामिल हैं। अदालत ने कहा कि अगर मीडिया रिपोर्ट्स सही हैं तो यह आरोप काफ़ी गंभीर हैं।
सर्वोच्च अदालत ने कहा कि अगर ख़बरें सही हैं तो आरोप बेहद गंभीर हैं। याचिकाकर्ता की तरफ़ से वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि सरकार ने 'संसद में कहा है कि इस बात में विवाद नहीं है कि 121 लोगों को निशाना बनाया गया। मेरा सीधा सवाल है कि अगर सरकार जानती है तो वह क्यों नहीं एक्शन ले रही है।' प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना ने कहा कि कुछ लोगों ने दावा किया है कि फोन इंटरसेप्ट किया गया है। ऐसी शिकायतों के लिए टेलीग्राफ अधिनियम है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी याचिकाकर्ताओं को याचिका की कॉपी भारत सरकार को सर्व करने के लिए कहा। अगली सुनवाई 10 अगस्त मंगलवार को होगी। विस्तृत रिपोर्ट के साथ नई दिल्ली से हमारे संवाददाता शमशाद काज़मी।