लखीमपुर खीरी में जो हुआ वह सरकारी गुंडागर्दी का उदाहरण है-टिकैत
भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के लखीमपुर खीरी में रविवार को किसानों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई जिसमें 8 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में 4 किसान शामिल हैं।
भारतीय संचार माध्यमों के अनुसार लखीमपुर खीरी में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र के बेटे आशीष मिश्र ने प्रदर्शन कर रहे किसानों पर कथित तौर पर गाड़ी चढ़ा दी। इस घटना में 8 लोगों की मौत हुई है।
इस घटना के बाद किसान नेता राकेश टिकैत ने उप्र में गवर्नर राज्य लागू करने की मांग की है। राकेश टिकैत ने गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी इस्तीफे की मांग की है।
टिकैत ने कहा कि लखीमपुर खीरी में जो हुआ वह सरकारी गुंडागर्दी का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आज आपको कहीं सरकारी गुंडागर्दी देखनी है तो यूपी में आकर देखिए। राकेश टिकैत ने कहा कि पूरी घटना को देश के गृह राज्यमंत्री और उनके बेटे ने मिलकर अंजाम दिया है।
टिकैत बोले कि किसानों ने हेलीपैड पर कब्जा कर लिया था। गृह राज्यमंत्री को काले झंडे दिखाए थे। टिकैत ने कहा कि इसके बाद मंत्री का बेटा गाड़ियों में गुंडे लेकर पहुंचा और किसानों पर गोली चलवाई तथा उनपर गाड़ी चढ़ा दी। इस मामले में सरकार को तुरंत मंत्री और उनके बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज करना चाहिए। गृह राज्यमंत्री को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।
टिकैत बोले कि हमारा विरोध सरकार से है। किसानों ने काले झंडे दिखाए। लेकिन काले झंडे दिखाने का यह मतलब नहीं है कि आप उनपर गाड़ी चढ़ा देंगे।
टिकैत बोले कि यह चाइना नहीं है कि विरोध करने पर बुलडोजर और ट्रक लोगों पर चढ़वा दिये जाएं। टिकैत ने कहा कि इस घटना में कुल 8 लोगों की मौत हुई जिनमें से चार की मौत गाड़ी से कुचले जाने से हुई है। मरने वालों में किसान हैं जिन्हें कुचलकर मारा गया है।
राकेश टिकैत ने कहा कि लखीमपुर खीरी की घटना इत्तेफाक नहीं है। बल्कि एक साजिश है। बोले अजय मिश्र ने मंत्री बनते ही धमकाया था कि किसानों को मैं देख लूंगा। इसलिए इस षडयंत्र की सही से जांच होकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। टिकैत ने यह भी कहा कि सरकार, किसान आंदोलन को भटकाने के लिए ब्रहमणों और सिखों में झगड़ा कराने की साजिश रची जा रही है।