रूस द्वारा मिसाइल सिस्टम भारत को बेचने से अमरीका हुआ चिंतित
रूसी मिसाइल सिस्टम एस-400 भारत को दिये जाने पर अमरीका ने चिंता व्यक्त की है।
अमरीकी रक्षामंत्रालय ने कहा है कि नई दिल्ली द्वारा माॅस्को से एस-400 मिसाइल सिस्टम ख़रीदने के बारे में हम कई बार अपनी चिंता व्यक्त कर चुके हैं।
अमरीकी रक्षामंत्रालय के प्रवक्ता जाॅन केर्बी ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अपनी इस चिंता से हमने अपने भारतीय सहयोगियों को अवगत करवा दिया है। उन्होंने कहा कि इस बारे में हम अधिक कुछ नहीं कह सकते लेकिन निश्चित रूप में अमरीका इस विषय को लेकर बहुत चिंतित है।
रूस की हथियार बेचने की सरकारी कंपनी के प्रमुख एलेक्ज़ेंडर मीख़ेफ़ ने दुबई की 2021-प्रदर्शनी में कल कहा कि रूस ने एस-400 मिसाइल सिस्टम को निर्धारित समय से पहले ही भारत को देना आरंभ कर दिया है। इससे पहले भरतीय विशेषज्ञों को एस-400 मिसाइल सिस्टम चलाने का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इस वर्ष के अंत तक भारत को यह मिसाइल सिस्टम हवाले कर दिया जाएगा।
नई दिल्ली ने 2015 को बता दिया था कि वह माॅस्को से एस-400 मिसाइल सिस्टम की ख़रीदारी का इच्छुक है। इसी संदर्भ में सन 2018 में रूसी राष्ट्रपति विलादिमीर पुतीन की भारत यात्रा के दौरान रुस और भारत के बीच 5.43 अरब डाॅलर का समझौता हुआ था जिसके अन्तर्गत एस-400 मिसाइल सिस्टम की ख़रीदारी की बात पक्की हुई थी।
रूस का यह आधुनिक मिसाइल सिस्टम बहुत से अवसरों पर युद्ध के नक्शे को पलट चुका है। अपने इस मसाइल सिस्टम को रूस, अबतक भारत, चीन, तुर्की और अल्जीरिया को बेच चुका है। यह सिस्टम 200 किलोमीटर से अधिक दूरी पर अपने लक्ष्य को पहचानने और उसको नष्ट करने में सक्षम है।रूसी मिसाइल सिस्टम एस-400 की इन्ही विशेषताओं के कारण ही हो सकता है कि अमरीका ने अपनी चिंता को सार्वजनिक किया है।
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