अमेरिका चिंतित, भारत से उसने मांग की
भारत द्वारा रूस से प्रक्षेपास्त्रिक रक्षा प्रणाली S-400 खरीदे जाने पर अमेरिका ने चिंता जताई है।
अमेरिकी विदेशमंत्रालय ने भारत द्वारा रूस से प्रक्षेपास्त्रिक रक्षा प्रणाली S-400 खरीदे जाने पर अमेरिका ने चिंता जताई है।
समाचार एजेन्सी आनातोली की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करते हुए भारत से मांग की है कि वह रूस से प्रक्षेपास्त्रिक रक्षा प्रणाली S-400 की खरीदारी को रोक दे।
अमेरिकी विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका ने भारत सहित समस्त देशों का आह्वान किया है कि वे रूस से प्रक्षेपास्त्रिक रक्षा प्रणाली S-400 की खरीदारी न करें।
पिछले सोमवार को रूस के विदेशमंत्री सरगेई लावरोफ़ ने कहा था कि प्रक्षेपास्त्रिक रक्षा प्रणाली S-400 की खरीदारी के समझौते को कमज़ोर करने हेतु अमेरिकी प्रयास के बावजूद इस समझौते पर अमल किया जायेगा।
अभी हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतीन की भारत यात्रा के दौरान रूसी रक्षामंत्रालय ने घोषणा की थी कि भारत और रूस के रक्षामंत्रियों की उपस्थिति में दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक रक्षा क्षेत्र में सहयोग के समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं। भारत और रूस ने वर्ष 2018 में 5.5 अरब डॉलर मूल्य की मिसाइल रक्षा प्रणाली S-400 की खरीदारी के समझौते पर हस्ताक्षर किये थे।
जानकार हल्कों का मानना है कि इस प्रकार की अमेरिकी मांग दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में खुला हस्तक्षेप है और किसी भी देश को दूसरे देशों से यह कहने का अधिकार नहीं है कि वे किससे सौदा करें और किससे न करें।
जब अमेरिका दूसरे देशों के साथ हथियार बेचने का समझौता करता और उन्हें हथियार बेचता है और उस वक्त यही मांग भारत अमेरिका से कर दे कि अमुक देश से न सौदा किया जाये और न ही हथियार बेचा जाये तो अमेरिका या अमेरिकी अधिकारियों को कैसा लगेगा?
नोटः यह व्यक्तिगत विचार हैं। इनसे पार्सटूडे का सहमत होना ज़रूरी नहीं है। MM
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