शहीद क़ासिम सुलैमानी का एहसान नही भूलेगा हिंदुस्तान
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आईआरजीसी की क़ुद्स ब्रिगेड के पूर्व कमांडर शहीद जनरल क़ासिम सुलैमानी और इराक़ी स्वयं सेवी बल हशदुश्शाबी के पूर्व कमांडर अबू मेंहदी अल-मोंहदिस की शहादत की बर्सी पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए न सिर्फ़ ईरान और इराक़ बल्कि भारत समेत दुनिया के कई देशों में शोक सभाओं और भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया किया जा रहा है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jan ०३, २०२२ १०:१४ Asia/Kolkata
  • शहीद क़ासिम सुलैमानी का एहसान नही भूलेगा हिंदुस्तान

आईआरजीसी की क़ुद्स ब्रिगेड के पूर्व कमांडर शहीद जनरल क़ासिम सुलैमानी और इराक़ी स्वयं सेवी बल हशदुश्शाबी के पूर्व कमांडर अबू मेंहदी अल-मोंहदिस की शहादत की बर्सी पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए न सिर्फ़ ईरान और इराक़ बल्कि भारत समेत दुनिया के कई देशों में शोक सभाओं और भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया किया जा रहा है।

हरिद्वार के मंगलौर क़स्बे में जनरल सुलैमानी को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित शोक सभा में उपस्थित बुद्धिजीवियों का कहना था कि जनरल सुलैमानी भारत और भारतीय मुसलमानों से एक ख़ास लगाव रखते थे और वे भारत को लेकर बहुत आशावान थे।

चीन जब भारत पर चारों ओर से दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था तो यह जनरल सुलैमानी ही थे, जिन्होंने भारत का पक्ष लेते हुए चाहबहार बंदरगाह जैसी परियोजना में भारत की भागीदारी को सुनिश्चित बनाने में अहम भूमिका निभाई और खुलकर भारत का समर्थन किया।

मंगलौर के मोहल्ला हल्का स्थित दरबारे हुसैनी छोटा इमाम बारगाह में हुसैनी यूथ द्वारा आयोजित शोक सभा को कई बुद्धिजीवियों ने संबोधित किया और शहीदों को श्रद्दांजलि दी।

मौलाना ज़फर अब्बास का कहना था कि शहीद जनरल सुलैमानी ने न सिर्फ़ युद्ध के मैदान में दुश्मनों और ख़ूंख़ार आतंकवादियों को परास्त किया, बल्कि पीड़ितों की सेवा करके लोगों का दिल जीत लिया।

ग़ौरतलब है कि 3 जनवरी 2020 को जनरल सुलैमानी और इराक़ी स्वयं सेवी बल हशदुश्शाबी के डिप्टी कमांडर अबू मेहदी अल-मोंहदिस को उनके कई साथियों के साथ अमरीका ने बग़दाद एयरपोर्ट के निकट ड्रोन हमले में शहीद कर दिया था। msm