भारतीय पहलवान क्यों उतर पड़े सड़कों पर?
भारत में महिला पहलवानों द्वारा भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष और कोचों पर यौन उत्पीड़न और महासंघ के कामकाज में कुप्रबंधन के गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद दिल्ली में ओलंपिक और राष्ट्रमंडल खेलों के पदक विजेताओं सहित पहलवानों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन का संज्ञान लेते हुए खेल मंत्रालय ने कुश्ती महासंघ से स्पष्टीकरण मांगा है और आरोपों पर अगले 72 घंटों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है।
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, मंत्रालय ने डब्ल्यूएफआई को भेजे अपने पत्र में कहा है कि चूंकि मामला एथलीटों से जुड़ा है इसलिए मंत्रालय ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है।
मंत्रालय ने आगे कहा है कि अगर डब्ल्यूएफआई अगले 72 घंटों के भीतर जवाब देने में विफल रहता है तो मंत्रालय राष्ट्रीय खेल विकास संहिता, 2011 के प्रावधानों के अनुसार महासंघ के ख़िलाफ कार्रवाई शुरू करेगा।
इसके अलावा 18 जनवरी, 2023 को लखनऊ में भारतीय खेल प्राधिकरण के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) में 41 पहलवानों और 13 प्रशिक्षकों और सहायक कर्मचारियों के साथ शुरू होने वाले महिला राष्ट्रीय कुश्ती प्रशिक्षण शिविर को रद्द कर दिया गया है।
ज्ञात रहे कि विश्व चैंपियनशिप की पदक विजेता और ओलंपियन विनेश फोगाट ने बुधवार को आरोप लगाया था कि भारतीय कुश्ती महासंघ के पसंदीदा कोच महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करते हैं और उन्हें परेशान करते हैं।
उन्होंने कुश्ती महासंघ के प्रमुख और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर लड़कियों का यौन उत्पीड़न करने और टोक्यो ओलंपिक 2020 में उनकी हार के बाद उन्हें ‘खोटा सिक्का’कहने का भी आरोप लगाया।
ओलंपियन बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक और फोगाट ने भारतीय कुश्ती महासंघ के खिलाफ जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया और महासंघ द्वारा अपने मनमानी नियमों और विनियमों के माध्यम से पहलवानों के उत्पीड़न का आरोप लगाया।
हालांकि भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि यौन उत्पीड़न की कोई घटना नहीं हुई है, अगर ऐसा कुछ हुआ है, तो मैं खुद को फांसी लगा लूंगा, उन्होंने यह भी कहा कि वह जांच के लिए तैयार हैं।
66 वर्षीय सिंह फरवरी 2019 में लगातार तीसरी बार डब्ल्यूएफआई के निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे।
कांग्रेस ने भाजपा सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ यौन शोषण के आरोपों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए पूछा कि क्या सरकार द्वारा खेलों के लिए यही ‘बेहतर माहौल’बनाया गया है? (AK)
हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए
हमारा टेलीग्राम चैनल ज्वाइन कीजिए