भारतीय बजट-2023, टैक्स छूट की सीमा 7 लाख रुपये हो गयी
भारत के वित्त वर्ष 2023-24 के लिए आखिरी बार इस सरकार का पूर्ण बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि अबसे नई कर व्यवस्था लागू की जायेगी जिसमें आयकर छूट की सीमा बढ़ाकर सात लाख रुपये कर दी गई है।
मौजूदा व्यवस्था में पांच लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर नागरिक कोई आयकर नहीं देते हैं।
सीतारमण पांचवी बार बजट पेश कर रही थीं। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही आयकर स्लैब की संख्या छह से घटाकर पांच की गई जिसमें तीन से छह लाख रुपये पर 5 प्रतिशत और छह से नौ लाख रुपये पर 10 प्रतिशत, नौ लाख रुपये से 12 लाख रुपये पर 15 प्रतिशत और 12 लाख रुपये से 15 लाख रुपये 20 प्रतिशत और 15 लाख रुपये से अधिक की आय पर 30 प्रतिशत कर देना होगा।
वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि अब आयकर भरने की प्रक्रिया को भी आसान बनाया जाएगा जिसके लिए नेक्स्ट जेनरेशन टैक्स फॉर्म जारी किया जाएगा।
सीतारमण ने बताया कि नई कर व्यवस्था डिफॉल्ट होगी लेकिन नागरिक अगर चाहें तो पुरानी प्रणाली इस्तेमाल कर सकते हैं।
मंत्री ने बताया कि बजट में अधिक आय वाले करदाताओं को राहत भी दी गई है जहां अधिकतम सरचार्ज रेट 37 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे कर की दर में तीन प्रतिशत का असर पड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि आम बजट से एक दिन पहले मंगलवार को जारी आर्थिक सर्वेक्षण में अनुमान लगाया गया है कि 1 अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष में भारत की अर्थव्यवस्था 6 प्रतिशत से 6.8 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी जो चालू वर्ष के लिए अनुमानित 7 प्रतिशत से कम है, क्योंकि वैश्विक मंदी से निर्यात को नुकसान होने की संभावना है। (AK)
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