बीबीसी पर छापा या सर्वे, अलग अलग दलीलें, मक़सद एक
एक ओर बीबीसी के कार्यालयों पर आयकर विभाग के सर्वे का जहां विपक्ष ने विरोध किया है और इसे केंद्र सरकार की डराने व धमकाने की रणनीति क़रार देते हुए अलोकतांत्रिक और तानाशाह रवैया बताया है तो वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने इसका बचाव किया है और ब्रिटिश ब्रॉडकास्टर पर भारत के ख़िलाफ़ द्वेष की भावना से रिपोर्टिंग करने का आरोप लगाया है।
भाजपा ने बीबीसी को ‘भ्रष्ट बकवास कॉरपोरेशन’ नाम दिया है और आरोप लगाया है कि उसका भारत के ख़िलाफ द्वेष के साथ काम करने का दाग़दार और काला इतिहास रहा है।
विपक्ष ने आयकर कार्रवाई को मोदी पर बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री से जोड़ा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ट्वीट किया कि मोदी सरकार में बार-बार प्रेस की आजादी पर हमला हो रहा है, यह आलोचनात्मक आवाजों को दबाने के लिए बेशर्मी और बना किसी पश्चाताप के साथ किया जाता है, अगर संस्थानों का इस्तेमाल विपक्ष और मीडिया पर हमला करने के लिए किया जाता है तो कोई भी लोकतंत्र जीवित नहीं रह सकता है, लोग इसका विरोध करेंगे।
माकपा ने कार्रवाई को डॉक्यूमेंट्री प्रसारित करने के चलते बीबीसी को डराने और प्रताड़ित करने का खुला प्रयास करार दिया। सीपीआई ने बताया कि डॉक्यूमेंट्री ने मोदी सरकार को नाराज कर दिया है जिसने विश्वविद्यालयों और अन्य स्थानों पर इसका प्रसारण नहीं होने दिया।
भाकपा ने कहा कि मोदी सरकार ‘उन सभी पर हमला करने के लिए कुख्यात हो गई है जो उसकी सांप्रदायिक-फासीवादी नीतियों की आलोचना करते हैं और उन्हें उजागर करते हैं।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा), तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और पीडीपी ने भी भारत सरकार की आलोचना की। बसपा सांसद कुंवर दानिश अली ने कहा कि अडानी के दफ़्तर आईटी, ईडी, सीबीआई अभी तक कोई नहीं पहुंचा लेकिन बीबीसी के दिल्ली ऑफिस में आयकर विभाग की टीम छापेमारी के लिए पहुंच गई, भारत में प्रेस की बची-खुची स्वतंत्रता पर यह ताजा हमला विश्व प्रेस सूचकांक में हमारा स्थान 150वें पायदान से भी नीचे गिराएगा इतना तो तय है।
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि बीबीसी कार्यालय पर छापे का कारण और प्रभाव बिल्कुल स्पष्ट है, सच बोलने वालों को भारत सरकार बेशर्मी के साथ परेशान कर रही है, इस मामले में फिर वह चाहे विपक्षी नेता हों, मीडिया हो या कार्यकर्ता या कोई और. सच के लिए लड़ने की कीमत चुकानी पड़ती है।
आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि आईटी कार्रवाई से पता चलता है कि मोदी ‘तानाशाही के चरम’ पर पहुंच गए हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, मीडिया की स्वतंत्रता पर हमला जनता की आवाज़ दबाने के बराबर है, जो भी भाजपा के ख़िलाफ़ बोलता है, उसके पीछे ये लोग आईटी, सीबीआई और ईडी को छोड़ देते हैं।
एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने कहा है कि वह आयकर कार्रवाई को लेकर बेहद चिंतित है और इसे सत्तारूढ़ प्रतिष्ठान की आलोचना करने वाले मीडिया समूहों को डराने और प्रताड़ित करने के लिए सरकारी एजेंसियों के इस्तेमाल की लगातार जारी प्रवृत्ति करार दिया। (AK)
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