बलात्कार का दोषी, हरियाणा सरकार की नज़र में अपराधी नहीं
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भारत के हरियाणा राज्य की सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह ख़ूंख़ार कैदी नहीं है और हत्या के दो अलग-अलग मामलों में उसकी सज़ा को सीरियल किलिंग नहीं कहा जा सकता।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Mar ०१, २०२३ ११:३० Asia/Kolkata
  • बलात्कार का दोषी, हरियाणा सरकार की नज़र में अपराधी नहीं

भारत के हरियाणा राज्य की सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह ख़ूंख़ार कैदी नहीं है और हत्या के दो अलग-अलग मामलों में उसकी सज़ा को सीरियल किलिंग नहीं कहा जा सकता।

राज्य सरकार के मुताबिक, गुरमीत हमलावर नहीं था और उसने दोनों मामलों में वास्तविक हत्याओं को अंजाम नहीं दिया था।

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, हरियाणा सरकार ने कहा कि गुरमीत राम रहीम को इन हत्याओं के सह-अभियुक्तों के साथ आपराधिक साजिश रचने के लिए दोषी ठहराया गया है। उन्हें केवल धारा 120बी की सहायता से आईपीसी की धारा 302 के तहत दंडित किया गया है, धारा 120बी एक स्वतंत्र अपराध है।

राज्य सरकार ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट को सौंपे गए अपने विस्तृत जवाब में दावा किया कि इस धारा के तहत आरोप स्वतंत्र रूप से तय किए जाते हैं और सज़ा के मामले में इस धारा की सज़ा को वास्तविक अपराध के साथ पढ़ा जाना चाहिए।

गुरमीत राम रहीम वर्तमान में बलात्कार के दो मामलों में 10-10 साल की सज़ा और पूर्व डेरा प्रबंधक रंजीत सिंह और पत्रकार राम चंदर छत्रपति की हत्या के दो अलग-अलग मामलों में आजीवन कारावास की सज़ा काट रहा है। वह चार और आपराधिक मामलों का भी सामना कर रहा है, जिनमें एक सीबीआई मामला, अपने शिष्यों के नसबंदी कराने से संबंधित है और पंजाब में बेअदबी के तीन अन्य मामले हैं।

जेल अधीक्षक ने यह कहा कि हाईकोर्ट ने 7 अप्रैल, 2022 के अपने आदेश में डेरा प्रमुख को फर्लो पर अस्थायी रिहाई देने के आदेश को पहले ही बरकरार रखा था।

पैरोल को सही ठहराते हुए हरियाणा सरकार ने कहा है कि इस तरह के प्रावधानों यानी (पैरोल) का मुख्य उद्देश्य, क़ैदियों को उनकी व्यक्तिगत और पारिवारिक समस्याओं को हल करने का अवसर प्रदान करना है और उन्हें समाज के साथ अपने संबंध बनाए रखने में सक्षम बनाना है और इसे पुनर्वास उपाय के रूप में भी माना जाता है।

राम रहीम को 21 दिनों की यह छुट्टी पंजाब विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पहले मिली थी। पंजाब खासकर बठिंडा, संगरूर, पटियाला और मुक्तसर में इस पंथ के बड़ी संख्या में अनुयायी हैं।

गौरतलब है कि डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को 28 अगस्त, 2017 में सिरसा में अपने आश्रम में दो महिला अनुयायियों से बलात्कार के मामले में विशेष सीबीआई अदालत ने 20 साल की सजा सुनाई थी। (AK)

 

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