कश्मीर में कर्फ़्यू जारी, जन-जीवन अस्तव्यस्त
भारत नियंत्रित कश्मीर में पिछले 15 दिनों से कर्फ्यू जारी है जिसके कारण कश्मीरियों को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
जम्मू व कश्मीर में सुरक्षा बलों के हाथों हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी की हत्या के बाद से जारी अशांति अभी भी जारी है। वहां पर रविवार को भी कर्फ़्यू जारी रहा। कश्मीर में प्रत्येक दस फुट की दूरी सुरक्षाकर्मी तैनात हैं और वे लोगों को अपने घरों में रहने के निर्देश दे रहे हैं।
दक्षिणी कश्मीर का अनंतनाग हिंसा से सर्वाधिक प्रभावित है। कश्मीर घाटी में नौ जुलाई से इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं भी बंद चल रही हैं।
अनिश्चितकालीन कर्फ्यू के कारण कश्मीर का सामान्य जन-जीवन बुरी तरह प्रभावित है। अलगाववादी संगठनों ने अपनी हड़ताल 25 जुलाई तक बढ़ा दी है।
लंबे समय से जारी कर्फ़्यू के कारण कश्मीरियों को चावल, आटा, चीनी, रसोई गैस और मिट्टी के तेल जैसी आवश्यक वस्तुओं की कमी का सामना है।
कश्मीर में जारी अशांति के आरंभ से अबतक कम से कम 50 लोग मारे जा चुके हैं जबकि 3500 से अधिक लोग घायल हुए हैं।