गोरक्षा दल के कार्यकर्ताओं का आतंक जारी, 2 महिलाओं की पिटाई
भारत के मध्य प्रदेश राज्य के मंदसौर ज़िले के रेलवे स्टेशन पर गाय का गोश्त ले जाने के संदेह में गोरक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने 2 मुसलमान महिलाओं की पिटाई की।
इन मुसलमान महिलाओं को पीटने का एक विडियो भी सामने आया है जिसमें उनकी पिटाई से पहले गाली दी जा रही है। यह घटना मंगलवार की है। जिस समय गोरक्षा दल के कार्यकर्ता महिलाओं को पीट रहे थे उस समय पुलिस खड़ी तमाशा देखती रही। हालांकि पुलिस का कहना है कि लोगों की भारी संख्या के कारण वह पिटने वाली महिलाओं को बचाने में असमर्थ थी।
गुजरात मे गौभक्तों द्वारा दलित युवाओं की पिटाई की घटना के दो हफ्तों के भीतर ही मध्य प्रदेश में मुस्लिम महिलाओं को गौमांस ले जाने के आरोप में पीटने का मामला सामने आया है।
गोरक्षा दल ने उनपर गाय के मांस की तस्करी का आरोप लगाया था लेकिन शुरूआती जांच में पता चला है कि उनके पास जो गोश्त मिला है वह गाय का नहीं बल्कि भैंस का था।
इस मामले को बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने बुधवार को राज्यसभा में उठाया। राज्यसभा में मायावती ने कहा कि भाजपा नारा लगाती है कि महिलाओं के सम्मान में बीजेपी मैदान में, इसके बावजूद भारतीय जनता पार्टी शासित मध्य प्रदेश में बीफ की मात्र अफवाह पर महिलाओं को पीटा जा रहा है। मायावती ने राज्यसभा में कहा कि गुजरात में दलित युवाओं की पिटाई के बाद अब मध्यप्रदेश में गाय का गोश्त रखने के संदेह में गोरक्षा गुट के हाथों दो औरतों को बुरी तरह पीटा गया। जैसे ही मायावती की बात ख़त्म हुयी बहुजन समाज पार्टी के सदस्यों ने पटल के सामने पहुंच कर सरकार विरोधी नारे लगाए। कांग्रेस के सदस्यों ने भी पटल के सामने पहुंच कर बहुजन समाज पार्टी के सदस्यों का सरकार विरोधी नारे लगाने में साथ दिया।
गोरक्षा दल के इस अमानवीय व्यवहार पर बुधवार को बहुजन समाज पार्टी के अतिरिक्त कांग्रेस पार्टी ने सख़्त एतराज़ किया। इस संबन्ध में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि गोरक्षा होनी चाहिए लेकिन गोरक्षा के नाम पर दलितों और मुसलमानों को टारगेट बनाने के हम ख़िलाफ़ हैं।
ज्ञात रहे कि मंदसौर ज़िले की यह घटना ऐसी स्थिति में घटी है कि जब 12 जुलाई को भाजपा के गढ़ समझे जाने वाले गुजरात राज्य के सौराष्ट्र क्षेत्र के उना क़स्बे में 4 दलित युवाओं को गाय का गोश्त रखने के आरोप में गोरक्षा दल के सदस्यों ने बड़ी बेदर्दी से पीटा और भीड़ खड़ी देखती रही।
(MAQ/N)