म्यांमार रोहिंग्या मुसलमानों की समस्या का राजनीतिक समाधान खोजे, भारत
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों की समस्या के राजनीतिक समाधान की मांग की है।
अजीत डोभाल ने मंगलवार को अपने म्यांमारी समकक्ष यून थांगतुन से नयी दिल्ली में भेंट के दौरान रोहिंग्या मुसलमानों पर उन्हें चेतावनी देते हुए कहा कि रोहिंग्या मुसलमानों की समस्या ने म्यांमार के पड़ोसी देशों के लिए बहुत सी समस्याएं पैदा की हैं इस लिए इस मामले को राजनीतिक तरीक़े से हल किया जाना चाहिए।
उन्होंने इस समस्या को टाइम बम बताया और कहा कि एेसी पुख्ता जानकारी है कि रोहिंग्या लोगों के मध्य चरमपंथ फैलाने की कोशिश की जा रही है।
म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ सरकारी और चरमपंथी बौद्धों के अत्याचारों के कारण इस देश की सरकार पर अंतरराष्ट्रीय दबाव में वृद्धि हो रही है।
गत अक्तूबर से रोहिंग्या मुसलमानों पर सेना और चरमपंथी बौद्धों के आक्रमणों की नयी लहर आरंभ के बाद से अब तक 69 हज़ार रोहिंग्या मुसलमानों को अपना घर बार छोड़ कर भागना पड़ा है जबकि सैंकड़ों अन्य मारे जा चुके।
अभी हाल में ही संयुक्त राष्ट्र संघ के मानवाधिकार कार्यालय ने एक बयान जारी करके बताया था कि अक्तूबर 2016 से म्यांमार की सेना ने रोहिंग्या मुसलमानों का जनसंहार और उनके साथ सामूहिक बलात्कार किया है। (Q.A.)