अमेरिकाः स्थायी सदस्यता चाहिए तो वीटो का राग न अलापे भारत
अमेरिका ने कहा है कि यदि भारत को सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता चाहिए तो उसे वीटो अधिकार की मांग छोड़नी पड़ेगी।
संयुक्त राष्ट्र संघ में अमरीका की राजूदत निकली हेली ने कहा कि रूस और चीन जैसी वैश्विक शक्तियां नहीं चाहतीं कि सुरक्षा परिषद के ढांचे में कोई बदलाव हो लेकिन सुरक्षा परिषद में ढांचे में बदलाव वीटो अधिकार से बड़ी चीज़ है, वीटो पावर पांच देशों रूस, चीन, अमेरिका, ब्रिटेन और फ़्रांस के पास है जिनमें से कोई भी देश यह अधिकार छोड़ने के लिए तैयार नहीं है अतः भारत को इसमें शामिल करने का रास्ता यही है कि वह वीटो की रट न लगाए।
हेली ने कहा कि अमरीका चाहता है कि सुरक्षा परिषद के ढांचे में सुधार हो लेकिन रूस और चीन इसके पक्ष में नहीं हैं।
ज्ञात रहे कि चीन के विरोध के कारण न्युक्लियर सप्लायर ग्रुप में सदस्यता प्राप्त करने की भारत की कोशिश भी नाकाम रही है। चीन का कहना है कि एनपीटी पर हस्ताक्षर के बाद ही भारत इस ग्रुप की सदस्यता प्राप्त कर सकता है। अमरीका ने एनएसजी में भारत की सदस्यता का समर्थन किया था।