प्रवासियों के मामले में सऊदी अरब चला अमरीका की राह
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सऊदी अरब में अमरीका की तर्ज़ पर सरकार द्वारा प्रवासियों पर शिकंजा बहुत तेज़ी के साथ कसा जा रहा है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jul १७, २०१८ १३:१७ Asia/Kolkata
  • प्रवासियों के मामले में सऊदी अरब चला अमरीका की राह

सऊदी अरब में अमरीका की तर्ज़ पर सरकार द्वारा प्रवासियों पर शिकंजा बहुत तेज़ी के साथ कसा जा रहा है।

सऊदी अरब की इसी नई नीति के कारण यहां रहने वाले हजारों भारतीय वतन लौटने को मजबूर हैं। "सऊदी फर्स्ट" की नीति और विदेशियों के लिए फैमिली टैक्स दोगुना किए जाने कारण प्रवासियों का अब इस देश में रहना बहुत कठिन होता जा रहा है।

दैनिक जागरण के अनुसार मुश्किल की बात यह है कि सऊदी अरब में सन 2020 तक फैमिली टैक्स चार गुना कर दिया जाएगा। इसके अलावा बिजली, पानी और ईंधन के दामों में भारी बढ़ोतरी भी विदेशी नागरिकों के पलायन की वजह मानी जा रही है। सऊदी अरब में फैमिली टैक्स को सन 2017 से शुरू किया गया था। तब ये 100 रियाल था अर्थात हर व्यक्ति के लिए 1828 रुपए प्रति महीना। सन 2018 में इस टेक्स को बढ़ाकर 3656 रुपए कर दिया गया। इस समस्या के दृष्टिगत बहुत से भारतीय लोग अपने परिवार के अतिरिक्त सदस्यों को वापस भारत वापस भेज रहे हैं।

ज्ञात रहे कि सऊदी अरब की सरकार ने 2020 तक बेरोज़गारी कम करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सऊदी फर्स्ट नीति पर अमल किया जा रहा है।  इसका अर्थ यह है कि सऊदी अरब की कंपनियां सबसे पहले सऊदी नागरिकों को नौकरियां दे सकेंगी।  इस प्रकार से घड़ियों, चश्मे, मेडिकल स्टोर, इलेक्ट्रिकल शॉप, कार शोरूम, बिल्डिंग मटेरियल की दुकानों, कारपेट स्टोर, ऑटोमोबाइल, मोबाइल दुकानों, फर्नीचर शोरूम, रेडीमेड गारमेंट्स, घरेलू जरूरतों की दुकानों और पेस्ट्री शॉप में विदेशियों के काम पर रोक लगा दी गई है।

सऊदी अरब में बिजली के दामों में तीन गुना तक वृद्धि हुई है। पहले जिस परिवार का बिजली का बिल 200 रियाल अर्थात लगभग 3600 रुपए आता था, अब उसी व्यक्ति को 600 रियाल अर्थात 10 हजार 800 रुपए बिल भरना पड़ रहा है।
सऊदी सरकार ने फैमिली वीजा की फीस भी बढ़ाकर 2000 रियाल अर्थात 36 हजार रुपए कर दी है। पहले यही वीज़ा मुफ्त में बनता था। सिंगल एग्जिट रीएंट्री वीजा की फीस 1 साल के लिए 3600 रुपए थी। अब इसकी अवधि घटाकर 2 महीने कर दी गई है। इसके बाद इसे बढ़ाने के लिए 1800 रुपए हर महीने देने होंगे। सऊदी अरब में करीब 32.5 लाख भारतीय काम कर रहे हैं।