अनुच्छेद 35-ए के लिए जीवन भर लड़ता रहूंगाः फ़ारुक़ अब्दुल्लाह
जम्मू व कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा है कि केन्द्र सरकार अनुच्छेद 35-ए के साथ राजनैतिक खिलवाड़ कर रही है।
नवभारत टाइम्स के अनुसार श्रीनगर लोकसभा सीट से सांसद फारुक़ अब्दुल्लाह ने शनिवार को केंद्र सरकार पर अनुच्छेद 35-ए के बहाने राजनीति करने का आरोप लगाया है। फारुक ने कहा है कि केंद्र सरकार सिर्फ जम्मू-कश्मीर के लोगों को परेशानियों में डालना चाहती है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि वह इस मुद्दे को लेकर राजनीति कर रही है।
शनिवार को फारुक अब्दुल्ला ने अनुच्छेद 35-ए के विषय पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि केंद्र सरकार अनुच्छेद 35-ए के बहाने हमें परेशान करना चाहती है लेकिन हम इस अनुच्छेद में किसी प्रकार का बदलाव नहीं होने देंगे। फारुक ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ भी यह कह चुकी है कि केंद्र सरकार अनुच्छेद 35-ए में किसी प्रकार का बदलाव नहीं कर सकती है। उन्होंने कहा कि इस बात को जानते हुए भी केन्द्र सरकार इसे लेकर राजनीति कर रही है। फ़ारुक़ अब्दुल्लाह का कहना था कि जबतक मैं अपनी कब्र में नहीं चला जाता उस समय तक उनके खिलाफ लड़ाई लड़ता रहूंगा।
ज्ञात रहे कि 6 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 35-ए की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई टाल दी थी। इस दौरान हुई सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की पीठ ने कहा कि वह इस मुद्दे पर आज सुनवाई नहीं कर सकते और इस याचिका को अब 27 अगस्त को सुना जाएगा। कोर्ट ने सुनवाई टालते हुए यह भी कहा था कि अगली तारीख पर इस मामले को संविधान पीठ में भेजने पर निर्णय दिया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि विगत में उमर अब्दुल्ला की नैशनल कॉन्फ्रेंस और महबूबा मुफ्ती की पीडीपी, सीपीएम और राज्य कांग्रेस ने भी इस अनुच्छेद 35-ए के समर्थन में कई प्रदर्शन किए हैं। इन सही पार्टियों ने भी अनुच्छेद 35-ए की यथास्थिति बहाल रखने की ही मांग की हैं। वहीं दूसरी ओर भारती जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार इस आर्टिकल को हटाने के मुद्दे पर खुली बहस चाहती है। भाजपा के नेताओं का मानना है कि यह आर्टिकल जम्मू व कश्मीर के हित में नहीं है। (RZ)