चीन ने इस वजह से किया 29 हज़ार नक्शों को नष्ट!
चीन ने 30,000 ऐसे नक्शे नष्ट किए हैं जिनमें अरुणाचल प्रदेश को चीन के क्षेत्र का भाग नहीं दिखाया जा रहा था।
अरुणाचल प्रदेश पर चीन हमेशा अपना दावा पेश करता रहा है जो वास्तव में चीन व भारत के मध्य तनाव का एक कारण है।
चीनी में सरकार का कहना है कि यह काम चीन की क्षेत्रीय अखंडता और प्रभुता को बचाने के लिए किया गया है।
याद रहे यह सभी नक्शे अंग्रेजी में थे और इन्हें चीन की अनहुई स्थित कंपनी ने छापा था।
चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिणी तिब्बत बता कर उस पर अपना अधिकार जताता है किंतु भारत इस क्षेत्र को अपना अभिन्न अंग कहता है।
नयी दिल्ली और बीजिंग ने सन 2003 से अब तक सीमा संबंधी विवाद के बारे में 19 बार वार्ता की है किंतु अभी तक इन वार्ताओं का नतीजा नहीं निकला है।
भारत और चीन के बीच मैकमोहन रेखा है जिसे अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा माना जाता है, किंतु चीन इसे नहीं स्वीकार करता।
चीन का कहना है कि तिब्बत का बड़ा हिस्सा भारत के पास है।
सन् 1950 में चीन ने तिब्बत को अपने में मिलाने के बाद भारत के क़रीब 38 हज़ार वर्ग किलोमीटर के इलाक़े को अपने अधिकार में कर लिया था. जिसे अक्साई चिन कहा जाता है। ये इलाके लद्दाख से जुड़े थे। (Q.A.)