कश्मीर, 29 साल पुराने केस में वरिष्ठ संपादक गिरफ़्तार
भारत नियंत्रित कश्मीर की पुलिस ने बड़े पैमाने पर पढ़े जाने वाले समाचार पत्र के संपादक को लगभग 29 साल पुराने केस में उनके आवास पर आधी रात को छापामार कर गिरफ़्तार कर लिया।
रोइटर्ज़ की रिपोर्ट के अनुसार 62 वर्षीय उर्दू समाचार पत्र आफ़ाक़ के संपादक ग़ुलाम जीलानी क़ादेरी को पुलिस ने श्रीनगर में उनके आवास पर आधी रात को छापामार कर गिरफ़्तार कर लिया।
उनके भाई मुहम्मद मारेफ़त क़ादिरी का कहना है कि पलिस ने भयभीत किया है, 1993 के गिरफ़्तारी वारेंट पर मंगलवार को अमल हो गया।
ग़ुलाम जीलानी क़ादिरी को मंगलवार को अदालत में पेश किए जाने पर ज़मानत पर रिहा कर दिया गया।
1990 के केस के अनुसार ग़ुलाम जीलानी क़ादिरी उन 9 पत्रकारों में से एक हैं जिन्होंने कश्मीर में भारत सरकार के विरुद्ध सक्रिय गुटों का बयान प्रकाशित किया था।
उनका कहना था कि 1993 में गिरफ़्तारी वारेंट जारी किए गये थे जिस पर कभी अमल नहीं किया गया।
कश्मीर युनियन आफ़ वार्किंग जर्नलिस्ट ने उनकी गिरफ़्तार की निंदा की और कहा कि यह पत्रकारिता पर प्रतिबंध लगाने का षड्यंत्र है।
अपने बयान में उन्होंने कहा कि ग़ुलाम क़ादिर जीलानी प्रतिदिन अपने कार्यालय आते हैं और रात देर के आवास पर छापा मारने की कोई आवश्यकता नहीं थी। (AK)