कश्मीर में बढ़ी हलचल कई नेता गिरफ्तार, स्थिति तनावपूर्ण
भारत नियंत्रित कश्मीर में सरगर्मियां बढ़ गई हैं जिसके कारण वहां पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई है।
जम्मू व कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती तथा एनसी नेता उमर अब्दुल्ला को श्रीनगर में नजरबंद किया गया है। संचार माध्यमों के अनुसार श्रीनगर में धारा 144 लगा दी गई है। इसी के साथ मोबाइल इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई है। श्रीनगर में जम्मू व कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने आपात बैठक बुलाई है। वहां पर रैपिड एक्शन फोर्स समेत 30 हजार अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है।
कांग्रेस नेता उस्मान माजिद और माकपा नेता एम वाई तारिगामी ने दावा किया कि उन्हें रविवार रात को गिरफ्तार कर लिया गया। कश्मीर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी गई है जिसके बीच ये गिरफ्तारियां हुई हैं। बहरहाल, गिरफ्तारियों के संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं है। सूत्रों ने बताया कि कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों को उनके घरों में हिरासत में ले लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि भारत प्रशासित कश्मीर में अलगावादी दल हुर्रियत गीलानी गुट के प्रमुख ने दावा किया है कि नई दिल्ली ने कश्मीर में हज़ारों अतिरिक्त सैनिक कश्मीरियों के जातीय सफ़ाए के लिए भेजे हैं। सैयद अली शाह गीलानी ने शनिवार को अपने ट्वीटर हैंडल पर यह दावा करते हुए कि नई दिल्ली कश्मीर में जातीय सफ़ाया करने का इरादा रखता है, पूरी दुनिया के मुसलमानों से अपील की कि हमारी जान को सबसे बड़े जातीय सफ़ाए से बचाएं। उन्होंने शनिवार को अपने ट्वीट में कहा कि "इस ट्वीट को ज़मीन पर रहने वाले सभी मुसलमान हमारी जान को बचाने के संदेश के रूप में लें। अली शाह गीलानी ने आगे कहा कि "अगर हम सब मर गए और आप ख़ामोश रहे तो आपको महान ईश्वर के सामने जवाब देना होगा क्योंकि भारत, मानव इतिहास का सबसे बड़ा जातीय सफ़ाया करने वाला है।"