भारत के ख़िलाफ़ दाइश का ख़तरा
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बांगलादेश में दाइश के सरग़ना ने कहा है कि दाइश के सदस्य, इस देश और पाकिस्तान से भारत पर हमला करेंगे।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Apr १५, २०१६ १४:४७ Asia/Kolkata

बांगलादेश में दाइश के सरग़ना ने कहा है कि दाइश के सदस्य, इस देश और पाकिस्तान से भारत पर हमला करेंगे।

दाइश के इस सरग़ना का नाम शैख़ अबू इब्राहीम अलहनीफ़ है। इसने दाइश की इंटरनेट पत्रिका ‘दाबिक़’ के साथ इंटर्व्यू में कहा कि दाइश की नज़र में भारत का पूर्वी भाग बंगाल और पश्चिमी पाकिस्तान, स्ट्रैटिजिक नज़र से अहम है। शैख़ अबू इब्राहीम अलहनीफ़ ने कहा कि इन क्षेत्रों में मज़बूत आधार दाइश को इस बात की संभावना देता है कि वह भारत में अपने समर्थकों की मदद के लिए पूर्वी और पश्चिमी भाग में एक साथ छापामार हमले करे।

इससे पहले आतंकवादी गुट दाइश ने अफ़ग़ानिस्तान, पाकिस्तान और भारत के कुछ क्षेत्रों में अपने सदस्यों की उपस्थिति की बात कही थी। बांगलादेश में दाइश की ओर से भारत को धमकी ऐसी स्थिति में है कि लगभग तीन महीने पहले भारत प्रशासित कश्मीर में हुर्रियत कान्फ़्रेंस गीलानी गुट के प्रमुख सय्यद अली शाही गीलानी ने एक बयान में कहा था कि दाइश का इस क्षेत्र और भारत में कोई स्थान नहीं है। गीलानी के इस बयान से पहले भारत में दाइश के ख़िलाफ़ कार्यवाही में इस गुट के 7 सदस्य गिरफ़्तार हुए थे। दाइश कि जिसे कुछ पश्चिमी और अरब देशों का समर्थन हासिल है, इराक़ और सीरिया सहित पश्चिमी एशिया के कुछ देशों में हिंसा व आतंकवाद का मुख्य कारण है। दाइश को इन देशों की ओर से रसद, इस आतंकवादी गुट की गतिविधियों का दायरा बढ़ने का कारण बनी है। पिछले लगभग दो साल से अफ़ग़ानिस्तान, पाकिस्तान और फिर भारत में दाइश की पैठ इन देशों की जनता में चिंता का कारण बनी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अफ़ग़ानिस्तान, पाकिस्तान और भारत में सामाजिक, धार्मिक व जातीय ढांचा ऐसा है, जिससे चरमपंथी विचारों को मदद मिलती है। यह चीज़ इन देशों में दाइश को पैठ बनाने के लिए प्रेरित करती है।

भारत के ख़िलाफ़ दाइश की नई धमकी यह दर्शाती है कि यह देश उन क्षेत्रों में शामिल है जहां दाइश अपनी हिंसक गतिविधियों का दायरा फैलाना चाहता है। इस धमकी के कारण भारत में सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशीलता बहुत बढ़ जाएगी। ख़ास तौर पर भारत के प्रशासनिक तंत्र का यह मानना है कि तालेबान, दाइश और जैशे मुहम्मद जैसे आतंकवादी गुट पाकिस्तान के लिए ऐसा हथकंडा है जिसे वह अपने प्रतिस्पर्धी भारत की राष्ट्रीय संप्रभुता को कमज़ोर करने के लिए इस्तेमाल कर सकता है। भारत की नज़र में इस देश में आतंकवादी गुटों की गतिविधियों से आर्थिक सुरक्षा प्रभावित होगी और विदेशी पूंजि निवेश को आकृष्ट करने के मार्ग में बहुत बड़ी रुकावट पैदा होगी। इसलिए भारत के ख़िलाफ़ दाइश की धमकी के मद्देनज़र यह देश, अपनी ज़मीनी व समुद्री सीमाओं पर सुरक्षा के प्रबंध कड़े कर सकता है।(MAQ/T)