कश्मीरी प्रदर्शकारियों पर पुलिस का हमला
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भारत नियंत्रित कश्मीर में आर्टिकिल-370 हटाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किये गए।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Aug ०८, २०१९ ०८:३८ Asia/Kolkata
  • कश्मीरी प्रदर्शकारियों पर पुलिस का हमला

भारत नियंत्रित कश्मीर में आर्टिकिल-370 हटाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किये गए।

कश्मीर के अलग-अलग क्षेत्रों में प्रदर्शनकारियों ने आर्टिकल-370 हटाए जाने का कड़ा विरोध किया।  प्रदर्शनकारियों पर पुलिस के हमले में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी घायल हो गए।

जियो टीवी के अनुसार हालांकि कश्मीर में दफा 144 लगो हुई है किंतु श्रीनगर, पुलवामा और बारामूला सहित कई क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन किये गए हैं।  इसी बीच पूर्व आईएस अधिकारी शाह फैसल ने बताया है कि कश्मीर के रामबाग, नातिपोरा, डाउनटाउन, कुलगाम तथा अनंतनाग जैसे इलाकों से पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आई हैं।  उन्होंने कहा हालांकि, किसी के मारे जाने की कोई खबर नहीं है।

दूसरी ओर भारत नियंत्रित कश्मीर के करगिल क्षेत्र के लोगों ने अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने का स्पष्ट विरोध किया है।  उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है। करगिल के पूर्व विधायक असगर अली करबालाई ने कहा कि हम धर्म, भाषा और क्षेत्र के आधार पर जम्मू कश्मीर को बांटे जाने के खिलाफ हैं।  करगिल में नेताओं ने केंद्र के कदम के खिलाफ गहरी नाराजगी प्रकट की।  उनका कहना है कि वे नहीं चाहते कि करगिल जिला नए केंद्र शासित प्रदेश का हिस्सा हो।  उनका कहना है कि करगिल को जम्मू कश्मीर के साथ ही होना चाहिए था।करगिल के सभी धार्मिक और राजनीतिक संगठनों ने बीते छह अगस्त को लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के मोदी सरकार के निर्णय पर बैठक की थी।  बैठक में शामिल सभी लोगों ने केंद्र सरकार के कदम की निंदा की और जम्मू कश्मीर के लोगों की सहमति के बगैर उठाए गए इस कदम को खारिज किया है।  करगिल के एक नेता असगर अली करबालाई ने कहा कि करगिल के लोग अनुच्छेद 370 हटाए जाने के फैसले के खिलाफ हैं।  उन्होंने कहा कि इसके विरुद्ध व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा।  लोकसभा चुनाव लड़ चुके सज्जाद हुसैन ने कहा कि करगिल के लोग कश्मीर का हिस्सा बने रहना चाहते हैं।

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को भारत कर संसद ने संविधान के अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म करते हुए जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म कर दिया। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो अलग-अलग केंद्र शासित क्षेत्र बनाने वाला विधेयक भी पारित हो गया है।