भारतीय मुसलमानों के समर्थन में अंतर्राष्ट्रीय मुस्लिम धर्मगुरु संघ का बयान
अंतर्राष्ट्रीय मुस्लिम धर्मगुरु संघ ने भारतीय सरकार से मांग की है कि वह नागरिकता संशोधन क़ानून सीएए को जो मुसलमानों के विरुद्ध भेदभाव रखता है, समाप्त करे और इससे लागू न करे।
फ़ार्स न्यूज़ एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय मुस्लिम धर्मगुरु संघ ने सोमवार को एक बयान जारी करके भारतीय मुसलमाानों के विरुद्ध हिन्दु चरमपंथियों और सुरक्षा बलों के दमनकारी हमलों को जातीय सफ़ाया और मानवता के विरुद्ध अपराध क़रार दिया और इसकी घोर शब्दों में निंदा की।
इस बयान में भारत सरकार के इस अपराध पर विश्व समुदाय और मानवाधिकारों की रक्षा का दम भरने वाले कुछ देशों की चुप्पी की निंदा की गयी और भारतीय मुसलमानों की सहायता की मांग की गयी।
ज्ञात रहे कि भारत सरकार ने 11 दिसंबर को नागरिकता संशोधन क़ानून पारित किया है। इस क़ानून के मुताबिक़ बंग्लादेश, अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान से 2015 से पहले भारत में शरण लेने वाले, भारतीय नागरिकता ले सकते हैं लेकिन यह क़ानून मुसलमानों को शामिल नहीं करता।
इस बीच चरमपंथी हिन्दुओं ने पूर्वोत्तरी दिल्ली में मुसलमानों के मुहल्लों पर हमला किया और उनके घरों, मस्जिदों और दुकानों को ध्वस्त कर दिया। मुसलमानों के मुहल्लों पर पेट्रोल बम मारे।
भारत सरकार के मुताबिक़, 23 फ़रवरी से शुरु हुयी हिंसा में, 50 लोग मारे गए और 300 से ज़्यादा घायल हुए।(AK)