प्रवासी मज़दूरों की दयनीय स्थिति, मानवीय त्रासदी हैः मद्रास हाईकोर्ट
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मद्रास हाईकोर्ट ने कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन के बीच पलायन करते प्रवासी मजदूरों की दयनीय स्थिति को मानवीय त्रासदी करार दिया है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
May १७, २०२० १४:४५ Asia/Kolkata
  • प्रवासी मज़दूरों की दयनीय स्थिति, मानवीय त्रासदी हैः मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन के बीच पलायन करते प्रवासी मजदूरों की दयनीय स्थिति को मानवीय त्रासदी करार दिया है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार मद्रास हाईकोर्ट ने कहा कि पिछले एक महीने में मीडिया में प्रवासी मज़दूरों की दयनीय स्थिति देखकर आंसू रोकना किसी के लिए भी मुश्किल है।

जस्टिस एन. किरुबकरण और जस्टिस आर. हेमलता की पीठ ने कहा कि यह देखना दयनीय है कि प्रवासी मज़दूर अपने काम की जगह से कई दिन पैदल चलकर अपने गृह राज्य पहुंच रहे हैं, कुछ की मौत रास्ते में ही दुर्घटना से हो जा रही है, सभी राज्यों को चाहिए कि ऐसे मज़दूरों को मानवीय सहायता मुहैया कराएं।

मद्रास हाईकोर्ट ने कहा कि प्रवासी मज़दूरों का ध्यान रखना सिर्फ़ मूल राज्यों का ही नहीं बल्कि उन प्रदेशों का भी कर्तव्य है, जहां वे काम करते हैं।

अदालत ने कहा कि कोविड-19 संकट काल में प्रवासी मजदूर और कृषि कामगार काफ़ी उपेक्षित हैं। अदालत ने ऐसे मजदूरों के बारे में केंद्र और राज्य सरकारों से 22 मई तक रिपोर्ट पेश करने को कहा है। (AK)