सरकार ने भारत की असंगठित अर्थव्यवस्था को तबाह कर दियाः राहुल गांधी
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि बिना सोचे-समझे लगाया गया लाक डाउन, भारत के असंगठित वर्ग के लिए मृत्युदंड सिद्ध हुआ।
राहुल गांधी ने कहा कि अचानक किये गए लाकडाउन से भारत में ग़रीब, मज़दूर, छोटे दुकानदार और किसान आदि बुरी तरह से प्रभावित हुए।
राहुल गांधी के अनुसार कोरोना के नाम पर अचानक लगा लाकडाउन, असंगठित क्षेत्र पर नोटबंदी और जीएसटी के बाद तीसरा करारा हमला था। उन्होंने कहा कि किसान, मज़दूर, लघु उदयोग और छोटे-मोटे काम करने वालों ने बड़ी मेहनत से भारत की अर्थव्यवस्था को खड़ा किया था। राहुल गांधी कहते हैं कि अब इसको बर्बाद करके केन्द्र सरकार ने भारत की अर्थव्यवस्था को गर्त में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि ग़रीबों और ज़रूरतमंदों की सहायता करने के बजाए सरकार ने कुछ गिने-चुने व्यापारियों के करोड़ों रुपयों के टैक्स माफ कर दिये। अपने वीडियो संदेश में राहुल गांधी ने कहा कि सरकार द्वारा बिना सोचे समझे लागू किया गया लाक डाउन, कोरोना वायरस पर नहीं बल्कि भारत के ग़रीबों, किसानों, मज़दूरों, छोटे व्यापारियों और हमारे युवाओं के भविष्य पर आक्रमण था। यह भारत की असंगठित अर्थव्यवस्था पर खुला आक्रमण था।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने कहा था कि कोरोना से 21 दिन की लड़ाई होगी किंतु इन 21 दिनों में असंगठित क्षेत्र की रीढ की हड्डी ही टूट गई। राहुल गांधी ने कहा कि एसे में हमें इस बात को समझना होगा कि इस आक्रमण के विरुद्ध हम सबको एक साथ मिलकर खड़ा होना होगा।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भारत की गिरती अर्थव्यवस्था को लेकर रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन चेतावनी दे चुके हैं। राजन ने भारत की मोदी सरकार को सलाह दी है कि अगर स्थिति को अभी नहीं संभाला गया तो फिर भारतीय अर्थव्यवस्था में और गिरावट आ सकती है।