भारत के राष्ट्रपति ने नए कृषि क़ानूनों का बचाव किया
भारत के राष्ट्रपति ने तीन नए कृषि क़ानूनों का बचाव करते हुए उन्हें बेहतर क़ानून बताया है।
शुक्रवार से भारतीय संसद का बजट सत्र राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के बाद औपचारिक रूप से आरंभ हो गया। अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति कोविंद ने कृषि क़ानूनों, किसानों और उनके एमएसपी से लेकर कोरोना तक पर बात की।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में मोदी सरकार के फ़ैसलों की वजह से लाखों लोगों की जानें बचीं। उन्होंने कहा कि चुनौती कितनी ही बड़ी क्यों न हो, न हम रुकेंगे और न भारत रुकेगा।
भारत के राष्ट्रपति ने कहा कि आज देश में कोरोना के नए मरीज़ों की संख्या भी तेज़ी से घट रही है और जो संक्रमण से ठीक हो चुके हैं उनकी संख्या भी बहुत अधिक है।
रामनाथ कोविंद ने नए कृषि क़ानूनों को बेहतर बताते हुए कहा कि इन क़ानूनों के माध्यम से सरकार ने किसानों को नई सुविधाएं और नए अधिकार दिए हैं।
गणतंत्र दिवस के दिन लाल क़िले में हुई घटना को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि हमें क़ानून का पालन करना चाहिए। राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि सरकार ने बीते 6 वर्षों में बीज से लेकर बाज़ार तक हर व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन का प्रयास किया है ताकि भारतीय कृषि आधुनिक भी बने और कृषि का विस्तार भी हो। (HN)
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