अमरीका द्वारा इंटरनेट पर ईरान की आवाज़ दबाने की कोशिश निंदनीय है
इस्लामी गणतंत्र ईरान के रेडियो एवं टेलिविज़ विभाग (आईआरआईबी) ने अमरीका की ओर से इस्लामी प्रतिरोध की आवाज़ उठाने और अमरीका व इस्राईलियों के अत्याचारों से पर्दा उठाने वाली वेबसाइटों पर लगाए गए प्रतिबंधों की आलोचना करते हुए इसे ख़ारिज कर दिया है।
ईरान और प्रतिरोध से संनब्धित वेबसाइटों को अमरीका की ओर से प्रतिबंधित किये जाने पर ईरान के रेडियो एवं टेलिविज़न विभाग ने एक बयान जारी करके इसकी निंदा की है।
ईरान के रेडियो एवं टेलिविज़न विभाग ने बुधवार को एक बयान जारी किया जिसमें झूठे और निराधार आरोप लगाकर अमरीकी न्याय मंत्रालय की ओर से प्रेस टीवी, अल-आलम, अल-कौसर और अल-मसीरा की वेबसाइटों को बंद किये जाने को ग़लत बताया गया है।
इस बयान में कहा गया है कि यह कार्यवाही, वाशिग्टन की वर्चस्ववादी प्रवृत्ति को प्रतिबिंबित करने के साथ ही अन्तर्राष्ट्रीय क़ानूनों का भी उल्लंखन करती है। बयान में यह भी कहा गया है कि पिछले दो वर्षों से फेसबुक, ट्वीटर, ईस्टाग्राम और यूट्यूब ने भी निराधार बहानों से जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के क़ानूनों से मेल नहीं खाते, प्रतिरोध के चैनेलों को बंद किया और साइबर स्पेस में उनके लिए सीमितताएं उत्पन्न कर दीं।
बयान के अनुसार ईरान का रेडियो एवं टेलिविज़न विभाग, अमरीका की इस दुष्ट कार्यवाही के मुक़ाबले में समस्त संभावनाओं से लाभ उठाते हुए डाॅट आईआर (.ir) के माध्यम से संबोधको को वह बातें पहुंचाने का प्रयास करेगा जिसे वाशिग्टन ने ज़बरदस्ती रोक दिया है।
ईरान के रेडियो एवं टेलिविज़न विभाग के बयान में आया है कि स्वतंत्र जानकारी तक लोगों की पहुंच में अमरीका की ओर से बाधाएं डालने के विरोध में साइबर स्पेस के क़ानूनों से सहायता ली जाएगी।
अमरीका की ओर से ईरान के प्रेस टीवी चैनल की वेबसाइट पर रोक लगाने के साथ ही प्रेस टीवी की ओर से एलान किया गया है कि वह (.ir) पर अपनी गतिविधियों को जारी रखेगा।