बेहतर है आरोप लगाने से अब बाज़ आ जाए इस्राईलः ईरान
ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि ग़ैर क़ानूनी ज़ायोनी शासन को आरोप लगाने से बाज़ आ जाना चाहिये।
ज़ायोनी शासन के ऑयल टैंकर पर हमला होने के बारे में अमेरिका और इस्राईल ने कहा था कि इसमें ईरान का हाथ है। इस निराधार आरोप की प्रतिक्रिया में ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ख़तीबज़ादे ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब ज़ायोनी शासन इस प्रकार का आरोप लगा रहा है और इस प्रकार का आरोप अमेरिका और जायोनी लॉबी का हिस्सा है।
ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इस शासन ने जहां भी क़दम रखा है वहां अपने साथ हिंसा, अशांति और युद्ध ले गया है। इसी कारण इसके ज़िम्मेदार वे हैं जो इस शासन को इस क्षेत्र में लाये हैं।
कुछ सिनेटरों ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से मांग की है कि वे सैयद इब्राहीम रईसी को राष्ट्रसंघ में न आने दें। इस मांग की प्रतिक्रिया में विदेशमंत्राल के प्रवक्ता ने कहा कि यह बचकाना मांग ईरान विरोधी लॉबी का भाग है। उन्होंने इराकी राष्ट्रपति बरहम सालेह की तेहरान यात्रा के बारे में भी कहा कि उनकी यात्रा कार्यक्रम में है और प्रबल संभावना यह है कि वह ईरान के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति के शपथग्रहण समारोह में वह तेहरान आयेंगे।
अमेरिकी विदेशमंत्री एंटनी ब्लिंकन और कुछ यूरोपीय अधिकारियों ने जो यह कहा था कि वार्ता हमेशा जारी नहीं रहेगी उसकी प्रतिक्रिया में भी ख़तीबज़ादे ने कहा कि अमेरिका परमाणु समझौते का उल्लंघन करने वाला देश है, अमेरिका वह देश है जिसने ईरानी राष्ट्र के विरुद्ध अन्यायपूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है और आर्थिक युद्ध में बहुत सी समस्याओं का कारण है उसे तो बोलने का ही अधिकार नहीं है। MM
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