नया प्रतिबंध, अमेरिकी नीयत के सही न होने का सूचक हैः विदेशमंत्रालय
विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि अमेरिका का नया प्रतिबंध इस बात का सूचक है कि ईरानी जनता और परमाणु समझौते के बारे में अमेरिका की नीयत सही नहीं है।
विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता सईद ख़तीबज़ादे ने अमेरिकी सरकार की ओर से घोषित नये प्रतिबंध पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि अमेरिकी सरकार का यह क़दम इस बात का सूचक है कि ईरानी लोगों के संबंध में उसकी नीयत सही नहीं है और यह प्रतिबंध ईरान के खिलाफ अधिकतम दबाव की नीति के अंतर्गत लगाया गया है और वह खुल्लम- खुल्ला इस वास्तविकता को साबित करता है कि अमेरिका की वर्तमान सरकार अपने दावों के खिलाफ ईरान पर दबाव डालने और निराधार आरोप मढ़ने के हर अवसर से लाभ उठा रही है।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी सरकार एक ओर दावा करती है कि वह परमाणु समझौते में वापस आने के लिए तैयार है और साथ ही वह सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव नंबर 2231 का उल्लंघन भी कर रही है। अमेरिका ने एक व्यक्ति और कई कंपनियों पर ईरान के मिसाइल कार्यक्रम में सहायता करने का आरोप लगाकर उन पर प्रतिबंध लगा दिया।
ज्ञात रहे कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प मई 2018 में एकपक्षीय रूप से परमाणु समझौते से निकल गये थे और उसके बाद उन्होंने ईरान के खिलाफ अधिकतम दबाव की नीति की अपनाई थी और अब अमेरिकी अधिकारी भी इस नीति की विफलता को स्वीकार कर रहे हैं। MM
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