जेसीपीओए, संसार से ईरान के रचनात्मक सहयोग का एक भाग
राष्ट्रपति ने कहा है कि संयुक्त समग्र कार्य योजना, संसार के साथ रचनात्मक सहयोग और आर्थिक प्रगति के संबंध में सरकार की विदेश नीति का केवल एक भाग है।
डाॅक्टर हसन रूहानी ने रविवार की शाम विदेश में तैनात ईरान के राजदूतों और प्रतिनिधि कार्यालय के प्रमुखों से मुलाक़ात में परमाणु वार्ता के सफल परिणामों की ओर इशारा करते हुए कहा कि हालिया दशकों में एेसे देश कम ही होंगे जिन्होंने इतने जटिल विषय पर संसार की बड़ी शक्तियों से वार्ता करके इतना व्यापक समझौता किया हो। उन्होंने इस बात का उल्लेख करते हुए कि जेसीपीओए का यह अर्थ नहीं है कि सामने वाला पक्ष अपने सभी वादों पर कटिबद्ध रहा है या आगे भी रहेगा, कहा कि ईरान को प्रतिरोध के साथ उचित वातावरण बना कर, सहयोग बढ़ा कर और दूसरे पक्ष पर दबाव डाल कर उसे अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने पर बाध्य करना होगा।
राष्ट्रपति ने कहा कि आज परमाणु समझौते के कारण ईरानोफ़ोबिया का एक बड़ा भाग समाप्त हो चुका है जिसे ज़बरदस्ती परमाणु मामले में पेश किया जा रहा था लेकिन अब भी आतंकवाद और दूसरे मामलों में ईरानी राष्ट्र के शत्रुओं की ओर से ईरानोफ़ोबिया का विषय जारी है और हमें हर क़दम पर उनका मुक़ाबला करना है। डाॅक्टर रूहानी ने कहा कि आज सभी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि ईरान की परमाणु गतिविधियां अंतर्राष्ट्रीय मानकों और प्रस्तावों के अनुसार वैध रूप से जारी हैं। उन्होंने कहा कि आज ईरान विश्व समुदाय का एक विश्वस्त सहभागी है और संसार के देश शत्रुओं के कुप्रचारों के विपरीत, हर दृष्टि से ईरान पर विश्वास करते हैं। (HN)