अमरीका ने एक बार फिर ईरान में दंगाईयों का किया समर्थन
बाइडन प्रशासन ईरान में अशांति और हिंसा का समर्थन जारी रखने पर अड़ा हुआ है, इसके बावजूद, उसका दावा है कि ईरान में घटने वाली हालिया घटनाओं में वाशिंगटन की कोई भूमिका नहीं है।
अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने ईरान में हिंसा और दंगों का समर्थन करते हुए दावा किया है कि ईरान को आज़ाद कराने का अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन का दावा, दर असल ईरान में विरोधियों के साथ हमदर्दी जताने के लिए था।
प्राइस का यह भी कहना था कि हमने ईरान में शुरू होने वाले हिंसक प्रदर्शनों का शुरूआत में ही समर्थन कर दिया था, लेकिन ईरान में फैलने वाली हिंसा में वाशिगंटन का कोई हाथ नहीं है।
अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ईरान में होने वाले दंगों में अमरीका की भूमिका से इंकार करते हुए दावा किया कि इस संबंध में अमरीका की भूमिका सिर्फ़ इतनी है कि जो लोग जनता की आवाज़ को कुचल रहे हैं और इंटरनेट को काट रहे हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाए।
नेड प्राइस का कहना था कि ईरान को अच्छा लगता है कि वह अशांति को हमसे जोड़े, ताकि अमरीका की निंदा कर सके।
अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता दर असल, निरा सफ़ेद झूठ बोल रहे हैं और ऐसी स्थिति में ईरान में होने वाले दंगों में अमरीका की भूमिका से इंकार कर रहे हैं, कि जब यह बात सभी के ले स्पष्ट है और इससे कोई इंकार नहीं कर सकता।
अमरीका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जोन बोल्टन ने एक बार फिर ईरान में व्यवस्था के परिवर्तन की आशा जताई है और कहा है कि ईरान में विरोधी हथियार उठा रहे हैं।
अमरीका द्वारा एक बार फिर ईरान में दंगों और हिंसा का समर्थन और उसके आतंकरिक मामलों में हस्तक्षेप, वाशिंगटन की विदेश नीति का प्रतीक है। कुर्द लड़की महसा अमीनी को मौत को बहाना बनाकर, हालिया दिनों में ईरान में दंगे भड़काकर अमरीका और उसके सहयोगी वह लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं, जो वे जंग के और कूटनीति के मैदान में हासिल नहीं कर सके।
अमरीका ने ईरान में हिंसा भड़कने के बहाने आधाकारिक रूप से वियना वार्ता को रोक दिया है और अब वह हिंसा और हिंसा करने वालों का समर्थन कर रहा है। ईरानी विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने एक ट्वीट में जो बाइडन को संबोधित करते हुए कहा थाः मिस्टर बाइडन, दाइश के समर्थन और अपने पाखंडी रवैये को समाप्त करें।
दर असल, अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कांग्रेस के चुनाव प्रचार में ईरान के आंतरिक मामलों में दख़ल देते हुए कहा था कि हम ईरान को आज़ाद करवायेंगे। हालांकि इसके बाद ख़ुद व्हाइट हाउस को स्पष्टीकरण देना पड़ा था और कहा गया था कि उनका तात्पर्य हम से अमरीका नहीं था, बल्कि ईरानी जनता थी।