ईरान के शत्रुओं से फ्रांसीसी राष्ट्रपति की मुलाक़ातें
ईरान के विदेश मंत्रालय ने देश के दुश्मनों के साथ फ्रांसीसी राष्ट्रपति की भेंटवार्ता की निंदा की है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने फ्रांस के राष्ट्रपति की ईरान विरोधियों से मुलाक़ात को अन्तर्राष्ट्रीय ज़िम्मेदारियों का उल्लंघन बताया है।
नासिर कनआनी ने रविवार को कहा कि बड़े आश्चर्य की बात है कि आज़ादी का दावा करने वाले फ्रांस जैसे देश के राष्ट्रपति ने अपने स्तर को गिराते हुए एसे घृणित व्यक्ति से भेंटवार्ता की जिसने पिछले कुछ महीनों के दौरान ईरान के भीतर हिंसा और अशांति फैलाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि साथ ही विदेशों में ईरान के राजनयिक केन्द्रों के विरुद्ध हिंसक कार्यवाहियां करवाने में भी इन तत्वों की भूमिका रही है।
हालिया सप्ताहों के दौरान फ़्रांसीसी अधिकारियों ने ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करते हुए देश के भीतर फैलाई गई अशांति का समर्थन किया है। इसका स्पष्ट उदाहरण पेरिस में फ्रांसीसी राष्ट्रपति की ईरान के विरोधियों के एक प्रमुख से उनकी मुलाक़ात है। जर्मनी और ब्रिटेन की ही भांति फ्रांस ने भी ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का काम आरंभ कर रखा है। यह देश जहां एक ओर ईरान में उत्पन्न कराई गई अशांति का समर्थन कर रहा है वहीं दूसरी ओर उसने ईरान के विरुद्ध आर्थिक प्रतिबंध बढ़वाने में भी भूमिका निभाई है।
इसी क्रम में मैक्रां ने एक कट्टर ईरान विरोधी, मसीह अलीनेज़ाद सहित कुछ अन्य विरोधियों से राष्ट्रपति भवन में भेंटवार्ता की। प्रथक्तावादी एवं ईरान विरोधी गुटों के प्रयासों से होने वाली यह मुलाक़ात स्पष्ट करती है कि अपनी अन्तर्राष्ट्रीय ज़िम्मेदारियों को अनदेखा करते हुए फ्रांस की सरकार उन लोगों के साथ मुलाक़ातें कर रही है जिन्होंने हालिया सप्ताहों के दौरान ईरान को अधिक से अधिक अशांत करने के लिए अथक प्रयास किये हैं। फ़्रांस के विदेश मंत्रालय ने कुछ दिन पहले ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप पर आधारित एक बयान जारी किया था। इसके अतिरिक्त पेरिस में होने वाले ईरान विरोधी प्रदर्शनों में फ्रांसीसी सरकार के मंत्रियों के तीन सलाहकारों ने भाग लिया था।
दूसरी ओर ईरान पर अधिक दबाव बनाने के उद्देश्य से फ्रांस कुछ यूरोपीय देशों के साथ मिलकर तेहरान के विरुद्ध नए प्रतिबंध लगवाने के चक्कर में लगा हुआ है। फ्रांस का यह काम दर्शाता है कि कुछ पश्चिमी देश, ईरान के भीतर अशांति बढ़ाना चाहते हैं और साथ ही इन परिस्थितियों को बहाना बनाकर ईरान के विरुद्ध नए प्रतिबंध लगवाने की फिराक़ में हैं।
हालांकि ईरान ने कह दिया है कि हस्तक्षेपपूर्ण कार्यवाहियों पर वह उचित प्रतिक्रिया देगा। इसी संदर्भ में ईरान के विदेशमंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने यूरोपीय देशों के विदेश मंत्रियों के साथ भेंट में कह दिया है कि उनके किसी भी प्रकार के ग़ैर रचनात्मक व्यवहार को ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा।
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