बाइडेन और मैक्रां का ईरान विरोधी बयान आया सामने
अमरीका और फ्रांस के राष्ट्रपतियों ने संयुक्त रूप में ईरान विरोधी बयान दिया है।
जो बाइडेन और इमैनुएल मैक्रां ने वाइट हाउस में भेंटवार्ता के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया है।
इर्ना के अनुसार अमरीका के राष्ट्रपति जो बाइडेन और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रां ने गुरूवार को वाइट हाउस में भेंटवार्ता के बाद संयुक्त रूप में ईरान विरोधी एक बयान जारी किया।
इस संयुक्त बयान में कहा गया है कि वाशिग्टन और पैरिस इस बात का विश्वास हासिल करना चाहते हैं कि ईरान, परमाणु शस्त्र न बनाने पाए या उसतक तेहरान की पहुंच होने पाए। अमरीका और फ्रांस के राष्ट्रपतियों ने इसी के साथ ईरान के हालिया उपद्रव का समर्थन किया। अमरीका के नेतृत्व में पश्चिम देश ईरान में आरंभ होने वाली हालिया अशांति का आरंभ से समर्थन करते आ रहे हैं। दोनो नेताओं ने कहा कि अमरीका और फ्रांस दोनों ही बोर्ड आफ गवरनर्स में ईरान विरोधी प्रस्ताव को पारित कराने के लिए अपने सहयोगियों के साथ सहकारिता करते रहेंगे।
अमरीका के सहयोग और अवैध ज़ायोनी शासन के समर्थन के साथ पश्चिमी देश पिछले कई वर्षों से ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम को अशांति दर्शाने के प्रयास करते आ रहे हैं। इस्लामी गणतंत्र ईरान की ओर से आरंभ से ही यह कहा जाता रहा है कि एनपीटी पर हस्ताक्षरकर्ता और अन्तर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा आईएईए के एक सदस्य होने के नाते तेहरान को शांतिपूर्ण लक्ष्यों के लिए परमाणु तकनीक हासिल करने का पूरा अधिकार प्राप्त है।
इसके अतिरिक्त अन्तर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा आईएईए के निरीक्षक अबतक कई बार ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर चुके हैं। आजतक उनको कोई भी एसा प्रमाण नहीं मिला है जो यह सिद्ध करता हो कि ईरान का शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम अपने सही मार्ग से दिगभ्रमित हुआ है।
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