यूरोपीय देश आईआरजीसी को कमज़ोर नहीं कर सकते, ईरानी गृह मंत्री
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ईरान के गृह मंत्री अहमद वहीदी ने यूरोपीय देशों द्वारा आईआरजीसी को आतंकवादी संगठन घोषित करने के प्रयासों की निंदा करते हुए कहा है कि अगर पश्चिम में कुछ लोग अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का उल्लंघन करते हुए एक आधिकारिक सेना को आतंकवादी संगठन घोषित करना चाहते हैं, तो यह उनकी मानसिक, नैतिक और राजनीतिक कमज़ोरी को दर्शाता है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jan १९, २०२३ ०५:५३ Asia/Kolkata
  • यूरोपीय देश आईआरजीसी को कमज़ोर नहीं कर सकते, ईरानी गृह मंत्री

ईरान के गृह मंत्री अहमद वहीदी ने यूरोपीय देशों द्वारा आईआरजीसी को आतंकवादी संगठन घोषित करने के प्रयासों की निंदा करते हुए कहा है कि अगर पश्चिम में कुछ लोग अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का उल्लंघन करते हुए एक आधिकारिक सेना को आतंकवादी संगठन घोषित करना चाहते हैं, तो यह उनकी मानसिक, नैतिक और राजनीतिक कमज़ोरी को दर्शाता है।

बुधवार को राजधानी तेहरान में साप्ताहिक कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए वहीदी ने कहा कि वे सोचते हैं कि ईरान की इस्लामी क्रांति फ़ोर्स आईआरजीसी को कि जो क्षेत्रीय लोगों के दिलों में बसती है और लोगों की सेवा करत है, कमज़ोर कर देंगे।

ईरानी गृह मंत्री का कहना था कि पश्चिमी देशों की इस साज़िश से चिंतित होने की कोई ज़रूरत नहीं है, क्योंकि आईआरजीसी अपने रास्ते पर मज़बूती से आगे बढ़ती रहेगी।

उन्होंने कहा कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ आईआरजीसी एक महत्वपूर्ण शक्ति है, जिसके पूर्व कमांडर शहीद जनरल सुलेमानी आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई के वैश्विक प्रतीक हैं। इस सेना ने आतंकवाद के ख़िलाफ़ सबसे महत्वपूर्ण लड़ाई लड़ी है, लेकिन इसे उन ताक़तों की ओर से ख़तरा है, जो आतकंवाद की समर्थक हैं।

अहमद वहीदी का कहना था कि ज़ायोनी शासन एक आतंकवादी शासन है और अमरीका ने खुलेआम जनरल सुलेमानी की हत्या कर दी।

ईरान की इस्लामी क्रांति फ़ोर्स आईआरजीसी का गठन, 22 अप्रैल 1979 को ईरान की इस्लामी क्रांति के संस्थापक इमाम ख़ुमैनी के आदेशानुसार हुआ था।

यूरोपीय संघ और ब्रिटेन अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का खुला उल्लंघन करते हुए ईरान की आधिकारिक सेना के एक भाग को आतंकवादी संगठनों की सूची में डालने का प्रयास कर रहे हैं। msm